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एल-2 कोविड अस्पताल हुआ फुल, ऑक्सीजन की कमी से आयुर्वेदिक कॉलेज का अस्पताल नहीं हुआ चालू

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पीलीभीत। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में लगातार स्थिति बिगड़ती जा रही है, तो वहीं जनपद में एल-2 कोविड अस्पताल भी फुल हो चुका है। वहां क्षमता से अधिक मरीज भर्ती है। इसके बाद भी आयुर्वेदिक कॉलेज में तैयार दूसरा कोविड अस्पताल शुरू नहीं किया जा सका है। तीमारदार अपने मरीजों को भर्ती करने के लिए प्राइवेट से लेकर सरकारी अस्पतालों में भटक रहे है।
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जिले में कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए जिला महिला अस्पताल की एमसीएच विंग में 100 बेड का कोविड अस्पताल बनाया गया था। वहीं अब संक्रमण की दूसरी लहर शुरू होने के बाद प्रशासन ने आयुर्वेदिक कॉलेज में एक और 150 बेड का एल-2 कोविड अस्पताल बनाने का निर्णय लिया था। निर्देश मिलने के बाद वहां अस्पताल तो तैयार कर दिया, लेकिन स्टाफ, ऑक्सीजन और स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी के कारण शुरू नहीं किया है। इधर जनपद में संक्रमण से हालात और बिगड़ने लगे हैं। रोजाना 100 से 350 तक मरीज निकल रहे है, इसके अलावा सीटी स्कैन से भी संक्रमित मिल रहे हैं। इस समय एक्टिव केस की संख्या 1736 चल रही है। वहीं एमसीएच विंग के कोविड अस्पताल में 110 मरीज भर्ती हैं। जबकि क्षमता सिर्फ 100 बेड की है। अब वहां आने वाले मरीजों को भर्ती तक नहीं किया जा रहा है। ऐसे में उनके तीमारदार मरीजों को लेकर इधर-उधर भटक रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का तर्क है कि अस्पताल तो तैयार हो चुका है, मगर ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं है, इसलिए उसे अभी शुरू नहीं किया है। फिलहाल परिस्थितियां कुछ भी हो, लेकिन मरीज ऑक्सीजन और बेड के लिए भटक रहा है।
निजी कोविड अस्पताल भी मरीजों को नहीं कर रहे भर्ती
कोरोना संक्रमण फैलने के बाद प्रशासन ने शहर में एसएस अस्पताल, राम अवध अस्पताल, भारत सेठी नर्सिंग होम और पीडी सिंह को कोविड अस्पताल बनाया था। मगर अस्पताल शुरू होने के बाद भी वहां मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है। रविवार को शहर के एक मरीज के परिवार वाले उसे लेकर इन चारों अस्पतालों में भटकते रहे। तो किसी अस्पताल ने बेड नहीं, तो किसी ने ऑक्सीजन नहीं तो कोई बोला वेंटिलेटर की व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा भी नॉन कोविड मरीजों को भी बेहतर इलाज नहीं मिल रहा है।
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110 मरीजों पर महज 58 छोटे सिलिंडर, रात काटना भी मुश्किल
एल-2 कोविड अस्पताल में 110 मरीज भर्ती हैं। इनमें सभी का ऑक्सीजन लेवल कम है। कुछ मरीजों का तो आईसोओटू लेवल 40 से 60 के बीच है। इसलिए सभी को ऑक्सीजन ही चाहिए। शनिवार देर रात फिर से कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म हो गई थी। डॉक्टरों को मरीजों की जान बचाना भी मुश्किल हो गया। स्टोर प्रभारी डॉ. राजेश भट्ट ने बताया कि रविवार सुबह शहर की एक फर्म ने 25 सिलिंडर की व्यवस्था कराकर दी थी। जिन्हें छोटे सिलिंडर में रिफिलिंग कर दिया है। डिमांड और भेजी है। रात तक और सिलिंडर मिलने की उम्मीद है। वहीं एल-2 के नोडल डॉ. राजेश का कहना है कि लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है, ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पा रही है। दोपहर दो बजे तक सिर्फ 40 छोटे सिलिंडर रहे गए थे। लगातार मरीजों को ऑक्सीजन दी जा रही है। इतने स्टॉक में रात काटना भी मुश्किल है।
आयुर्वेदिक कॉलेज वाला एल-2 तैयार हो गया है। बिना ऑक्सीजन वाले दो मरीज भी भर्ती किए गए हैं, मगर अधिकांश मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है, इसलिए पहले ऑक्सीजन की व्यवस्था कराई जाएगी। फिर ही मरीजों को शिफ्ट किया जाएगा। ऐसे भर्ती करने से उनकी जान पर बन सकती है।- डॉ. सीएम चतुर्वेदी, कोविड नोडल
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