पीलीभीत। भीषण गर्मी से बच्चों में डायरिया का प्रकोप दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार को मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ कक्ष में ओपीडी की संख्या 200 रही। 200 में से 180 बच्चे डायरिया से पीड़ित पहुंचे। 20 बच्चों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया।
इन दिनों बढ़ता तापमान बच्चों की सेहत पर काफी प्रभाव डाल रहा है। बढ़ती गर्मी की वजह से तीन-चार साल की उम्र के बच्चे डायरिया से पीड़ित हो रहे हैं। कुछ बच्चे बुखार पीड़ित हैं तो कुछ को उल्टियां भी हो रही हैं। बाल रोग विशेषज्ञ कक्ष में तैनात डॉ. नरेश कुमार ने बताया कि अप्रैल माह की शुरुआत से ही बच्चों में डायरिया का प्रकोप बढ़ने लगा था। इन दिनों तो गर्मी के कारण पीड़ितों की संख्या बढ़ी है।
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डायरिया के लक्षण
- दिन में तीन बार से अधिक दस्त, पेट में दर्द व ऐंठन होना।
- उल्टी होना, बुखार आना व खाने की इच्छा न होना।
- यूरिन कम आना व रंग गहरा होना।
- बच्चे का मुंह और त्वचा सूखी नजर आना।
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ऐसे करें बचाव
- बच्चे की साफ-सफाई पर ध्यान रखें।
- ज्यादा से ज्यादा ओआरएस का घोल पिलाएं।
- दही में नमक डाल कर खिलाएं।
- दाल ज्यादा पिलाएं, लेकिन मसूर की दाल न दें।
- मीठा जूस न दें उसकी जगह जूस में नमक डाल कर दें।
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रोटावायरस से करें बच्चों का बचाव
डाॅ. नरेश कुमार ने बताया छोटे बच्चों में रोटावायरस का संक्रमण भी होता है। ऐसे में जरूरी है कि इस वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए समय से उनका वैक्सीनेशन कराया जाए। इस वायरस के संक्रमण का शिकार आमतौर पर एक वर्ष से कम उम्र के बच्चे बनते हैं। इसके प्रारंभिक लक्षण बुखार व उल्टी हैं, इसके बाद तीन से सात दिनों तक पानी जैसे दस्त होते हैं। संक्रमण के कारण पेट में दर्द भी हो सकता है।
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बच्चों की संख्या बढ़ने पर डायरिया के लिए डॉक्टरों का पूरा पैनल है और दवाइयां भी अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
- डॉ. संगीता अनेजा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
मेडिकल कॉलेज में भर्ती बच्चे । संवाद
मेडिकल कॉलेज में भर्ती बच्चे । संवाद
मेडिकल कॉलेज में भर्ती बच्चे । संवाद