पीलीभीत। बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा से चल रही तल्खी के बीच जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने कहा कि उनका किसी से व्यक्तिगत विरोध नहीं है। उनका मकसद केवल शासकीय धन का दुरुपयोग रोकना है। गड़बड़ी कहीं बर्दाश्त नहीं की जाएगी, चाहें कोई हो। अवैध खनन पर जुर्माने की बड़ी कार्रवाई पहले ही कर चुके हैं, खनन करने वाली सीज मशीनों पर अलग से जुर्माना लगाया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासकीय धन का दुरुपयोग रोकना उनका प्रथम कर्तव्य है। वह इसी का पालन कर रहे हैं। नगरपालिका, डूडा, पशुपालन विभाग समेत अन्य सरकारी विभागों द्वारा कराए गए कामों की जांच कराकर वह शासकीय धन का दुरुपयोग रोक रहे हैं। बीसलपुर के ढुकसी गांव में खनन की जो अनुमति उन्होंने दी थी, उसके विपरीत ग्राम सभा की जमीन पर खनन निकासी का कार्य किया गया। डीएम बोले-‘कड़ी कार्रवाई करते हुए अनुमति लेने वाले किसान पर अब तक का सबसे बड़ा 17.84 लाख का जुर्माना लगाया है। खनन में लगी मशीनें और ट्रैक्टर ट्राली भी सीज करा दीं। अब अवैध रूप से खनन करने में लगी ट्रैक्टर ट्राली और पोकलैंड मशीनों पर अलग से जुर्माना लगाने के अलावा मोटर व्हीकल एक्ट नियमों का उल्लंघन करने में भी जुर्माना लगाया जा रहा है। जहां भी नियम विरुद्ध काम होगा, मैं सख्त कार्रवाई करुंगा।’ डीएम ने कहा कि किसी भी विभाग में गड़बड़ी मिलेगी तो उस पर सख्त कार्रवाई करेंगे। किसी को भी इसे व्यक्तिगत अपने ऊपर नहीं लेना चाहिए।
24 घंटे में आ गई जांच रिपोर्ट, नाली की ईंट पाई गई फेल
डीएम ने शुक्रवार को शहर की साईं धाम कॉलोनी में नाली निर्माण का मानक चेक करने के लिए ईंट और सीमेंट का नमूना लिया था, उसकी रिपोर्ट शनिवार को 24 घंटे के अंदर ही आ गई। डीएम ने बताया कि लैब परीक्षण में ईंटें गुणवत्ता के मानक के विपरीत पाई गईं। इसलिए इस काम को श्रमदान घोषित किया जा रहा है। मझोला में भी कुछ काम मानक के अनुरूप नहीं है। उसे ठेकेदार से दोबारा कराने को कहा गया है। डीएम ने कहा कि वह यह दावा नहीं करते कि सब कुछ शत प्रतिशत सही है, लेकिन जहां तक उनका वश चलेगा, वह शासन के नियमों के अनुसार निर्माण कार्य कराने की कोशिश करेंगे। इसमें लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।