पीलीभीत। भ्रष्टाचार में अफसरों की संलिप्तता का दावा करते हुए इसके खुलासे के लिए बीसलपुर विधायक ने प्रेस कांफ्रेंस 27 जनवरी के लिए टाल दी। उन्होंने यह कांफ्रेंस शनिवार को करने की बात कही थी, मगर इस दिन जिला प्रभारी मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के जनपद भ्रमण के चलते उनके साथ अपनी व्यस्तता बताकर कार्यक्रम स्थगित कर दिया।
वहीं शनिवार को जिला प्रभारी मंत्री की मौजूदगी में पार्टी की हुई कोर कमेटी की बैठक में अवैध खनन का मुद्दा उठने पर उसे यह कहकर टाल दिया गया कि अब यह मामला चूंकि मुख्यमंत्री के पास पहुंच चुका है और लखनऊ से आने वाली कमेटी ही जांच करेगी, इसलिए इस पर स्थानीय स्तर पर अब बात न की जाए।
बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा ने कहा कि वह शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस कर अवैध खनन, स्वच्छ भारत मिशन, डूडा और नगरपालिका समेत अन्य संस्थाओं द्वारा कराए गए निर्माण कार्यों में लखनऊ के ठेकेदारों द्वारा अफसरों से मिलकर बड़े घोटालों का पर्दाफाश करने वाले थे, लेकिन प्रभारी मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के भ्रमण समेत अन्य जरूरी कामों की वजह से अब 27 जनवरी (सोमवार) को प्रेस कांफ्रेंस करेंगे। वर्मा को प्रेस कांफ्रेंस टालने के बाद शनिवार शाम को स्वामी प्रसाद मौर्य की मौजूदगी में होने वाली भाजपा की कोर कमेटी की बैठक का इंतजार था। पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में हुई इस बैठक में विधायक ने सबसे पहले अवैध खनन का मुद्दा उठाया। बोले-जिले में बहुत गड़बड़ियां चल रही हैं, कई अफसर भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं। खनन माफिया को ढुकसी गांव में खेत से खनन करने के लिए एक दिन में ही सारी जांचें कराकर अनुमति दे दी गई। उनकी बात पूरी होते ही कमेटी में शामिल नेताओं ने कहा कि चूंकि वह यह मुख्यमंत्री के सामने रख आए हैं और इसकी भी जांच को लखनऊ से शासन के अफसरों वाली कमेटी आ रही है, इसलिए इस मामले को अलग रखा जाए। कमेटी को ही जांच करने दी जाए और सारा फैसला मुख्यमंत्री को ही करने दिया जाए। इसके बाद जिले के अन्य गंभीर मामलों पर बात हुई।
भ्रष्टाचार तो मैं अपने पिताजी का भी बर्दाश्त नहीं कर सकता : विधायक
पीलीभीत। बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी आरपार की लड़ाई कहीं से भी कमजोर नहीं है। साथ ही जोर देकर कहा कि वह भ्रष्टाचार तो अपने पिताजी का भी बर्दाश्त करने वालों में से नहीं रहे तो फिर अफसर क्या चीज हैं।
पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में अमर उजाला से बातचीत में विधायक ने कहा कि बड़े पद पर बैठे अफसरों को गंभीर होना चाहिए। जरा सी बात पर उत्तेजित होने वाले अफसर संकीर्ण मानसिकता के होते हैं। ऐसी मानसिकता से जनपद नहीं चलता। लोकतंत्र में भ्रष्टाचार की कोई जगह नहीं है। विधायक होकर वह जनता के हित की बात नहीं करेंगे तो उनका जनप्रतिनिधि होना बेकार है। विधायक रामसरन वर्मा ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सबको एकजुट होकर लड़ना होगा। तभी लोकतंत्र बचाया जा सकता है। यह पूछे जाने पर कि आपकी भ्रष्टाचार के खिलाफ छेड़ी गई लड़ाई में अन्य विधायक कहां तक साथ हैं, इस पर उन्होंने कहा कि कोई विधायक उनके साथ भले न खड़ा हो, लेकिन अगर किसी दूसरे विधायक ने अन्याय के खिलाफ जंग छेड़ी तो वह जरूर उसके साथ खड़े होंगे। विधायक ने कहा कि वह यह नहीं चाहते कि किसी अफसर को सजा मिले, लेकिन व्यवस्था तो सुधरनी चाहिए। अगर व्यवस्था गड़बड़ होगी तो जनता को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। जनता के हितों से खिलवाड़ वह बर्दाश्त नहीं कर सकतेे।