पीलीभीत। नगर पालिका और डूडा से बनवाई जा रही इंटरलॉकिंग सड़कों-नालियों का शुक्रवार को निरीक्षण कर डीएम ने ईंट व निर्माण सामग्री की जांच के लिए जो नमूने भरवाए थे, उसकी रिपोर्ट 24 घंटे में आ भी गई। पीडब्ल्यूडी की लैब में हुई जांच में ईंट की लंबाई निर्धारित मानक से कम पाई गई। रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम ने नगरपालिका के इस काम को श्रमदान घोषित कर दिया है। यानी ठेकेदार को कोई भुगतान नहीं होगा।
डीएम वैभव श्रीवास्तव ने शुक्रवार को साईं धाम कॉलोनी में 103 मीटर लंबी इंटरलॉकिंग सड़क और नाली निर्माण की गुणवत्ता चेक की थी। तब यह चेकिंग इस बात से भी जोड़ी गई थी कि शहर विधायक ने शासन में जो शिकायतें की हैं, उसी क्रम में यह सब कुछ हो रहा है। डीएम पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन हरस्वरुप समेत कई इंजीनियर को साथ ले गए थे। नाली और सड़क निर्माण में गुणवत्ता की पड़ताल के लिए ईंट और सीमेंट का नमूना भरवाया था। इसको सैंपलिंग के लिए पीडब्ल्यूडी की लैब में भेजा गया था। पीडब्ल्यूडी एक्सईएन ने लैब से 24 घंटे के अंदर ईंट और सीमेंट के नमूनों की जांच कराकर रिपोर्ट भी दे दी। इसमें ईंट की लंबाई 87 कंप्रेसिव स्टेंथ पाई गई, जोकि निर्धारित मानक से 63 कम है। पीडब्ल्यूडी इंजीनियर के अनुसार नाली निर्माण में लगने वाले ईंट की कंप्रेसिव स्ट्रेंथ 150 होनी चाहिए, इसलिए नमूना फेल घोषित कर दिया गया।
इस काम को प्रशासन की तरफ से श्रमदान घोषित कर दिया गया है। ठेकेदार केे अब किसी तरह का भुगतान नहीं किया जाएगा। जेई को भी इस मामले में प्रतिकूल प्रविष्टि के निर्देश दिए गए थे। इसके अलावा मोहल्ला खुदागंज में डूडा से निर्मित इंटरलॉकिंग सड़क और नाली निर्माण का नमूना भी अधोमानक पाया गया। इसके बाद डीएम ने मझोला में भी निर्माण कार्य चेक किया था। उसमें कुछ काम अधूरा पाया गया। डीएम ने इस मामले में काम पूरा कराने के निर्देश दिए हैं।