परेवा वैश्य (पीलीभीत)। डीबी फीडर नहर कटने से 300 एकड़ गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। 60 से अधिक किसानों के खेतों में खड़ी गेेहूं की फसल में पानी भरने नुकसान पहुंच रहा है। सिंचाई विभाग और प्रशासन इससे अनजान है। किसान खुद ही अपने खेतों से पानी निकालने में जुटे हैं।
दियूनी डैम से डीबी फीडर नहर निकलती है। ये नहर रूहेलखंड की तरफ जाती है। परेवा वैश्य पुल के पास जुलाई में नहर की पटरी कट गई थी। तबसे किसी ने ध्यान नहीं दिया क्योंकि नहर में पानी नहीं था। सिंचाई विभाग के अधिकारी पूरी तरह से लापरवाह रहे। अब डीबी फीडर नहर में पानी छोड़ा गया तो कटी पटरी के रास्ते पानी गेहूं के खेतों में जाने लगा। शुक्रवार दोपहर तक परेवा वैश्य और खजुरीखेड़ा गांव के 60 से अधिक किसानों के तीन सौ एकड़ से अधिक एरिया में पानी भर गया। जलभराव होने से गेहूं की फसल डूबने लगी। किसानों को फसल खराब होने का डर सता रहा है। किसानों ने फसल को बचाने के लिए प्रयास शुरू भी किए लेकिन वह नाकाफी हैं। सूचना दियूनी डैम और पौटा डैम के कर्मचारियों को देकर नहर में पानी न छोड़ने की भी मांग की गई, मगर अब तक इसका कोई समाधान नहीं हो पाया। किसान अपनी गेहूं की फसल को लेकर चिंतित हैं।
समाधान न होने पर बढ़ेगी दिक्कत
किसान अनीस मियां, मरगूब खां, मुकेश गुप्ता, राजीव गुप्ता, संजीव गुप्ता, रहीस अहमद, मुशाहिद खां, आरिफ खां, पप्पू, बाबू खां, नत्थूलाल, सुरेश कुमार, बन्ने खां, प्यारे खां समेत 60 किसानों की फसल इसकी चपेट में आई है। किसानों का कहना है कि अगर समय रहते समय रहते समाधान न हुआ तो गेहूं को नुकसान पहुंचेगा।
किसानों ने खुद ही नहर की पटरी को काट दिया। उनके खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। रूहेलखंड को पहुंचाने के लिए नहर में पानी छोड़ा गया। उसका रुख कम कर दिया है। सीचपाल से रिपोर्ट मांगी है। - नंदलाल आर्या, सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग