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न तो अवैध खनन की फाइल का पता लगा न चुराने वाले का

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पीलीभीत। एडीएम (वित्त एवं राजस्व) के कार्यालय से 24 दिसंबर को गायब की गई खनन संबंधी फाइल का अब तक कुछ पता नहीं चल सका है। सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए संदिग्ध युवक को पुलिस एक महीने बाद भी तलाश नहीं पाई। पुलिस ने अब तक सिर्फ लिपिक और खनन करने वालों से पूछताछ कर मामला निपटाने में लग गई है।
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दोपहर करीब 12 बजे रहस्यमय ढंग से गायब हुई यह फाइल बिलसंडा क्षेत्र में किए गए अवैध खनन के मामले में कमल ब्रिक फील्ड से संबधित थी। इस ब्रिक फील्ड की 10 ट्रैक्टर ट्रॉली अवैध खनन करते हुए एसडीएम बीसलपुर ने पकड़ीं थीं। इसके बाद जुर्माना डालने के लिए बीसलपुर से जांच कर फाइल एडीएम दफ्तर भेजी गई थी। फाइल गायब होने के बाद कार्यालय में हड़कंप मच गया। कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे को चेक किया गया तो उसमें ज्ञापन देने के बहाने आया एक अज्ञात युवक फाइल उठाकर ले जाता हुआ दिखाई दिया।
डीएम वैभव श्रीवास्तव के निर्देश पर कार्यालय में तैनात लिपिक प्रियांशु पांडेय ने 25 दिसंबर को इस मामले में सदर कोतवाली तहरीर देकर चोरी का मुकदमा दर्ज कराया था। एफआईआर दर्ज होने के बाद कोतवाली पुलिस ने एडीएम कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे का फुटेज निकलवाया और चोरों की तलाश में जुटने का दावा किया। अब इसमें खानापूरी करने का काम चल रहा है क्योंकि यह मामला उच्चाधिकारियों और उनके स्टाफ से जुड़ा है। सूत्रों के अनुसार इसलिए पुलिस विवेचना में देर लगाकर पूरे मामले को ऐसे ही निपटाना चाहती है। एक महीना बीतने के बाद भी पुलिस ने सीसीटीवी में दिखाई दे रहे संदिग्ध को नहीं तलाशा। पुलिस ने कुछ दिन पूर्व ही खनन करने वाले लोगों के साथ ही मुकदमा वादी से भी पूछताछ की थी, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला सका। मामला खनन से जुड़ा होने की वजह से प्रशासनिक अफसर भी रुचि नहीं ले रहे।
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इस मामले में विवेचना जारी है, वादी और खनन करने वालों से पूछताछ की जा चुकी है, फुटेज में दिखाई दे रहे युवक की तलाश की जा रही है। केस जल्द ही वर्कआउट किया जाएगा। -श्रीकांत द्विवेदी, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली
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