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नगरपालिका चेयरमैन और शहर विधायक आए आमने-सामने

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पीलीभीत। नगरपालिका में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा बुधवार रात अचानक ताला तुड़वाकर अभिलेख कब्जे में लेने की कार्रवाई से नगरपालिका चेयरमैन और शहर विधायक एक बार फिर आमने सामने आ गए हैं। दोनों ने एक दूसरे पर तीखे पलटवार किए हैं। दोनों ने एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए।
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नगरपालिका चेयरमैन विमला जायसवाल ने फाइलें जब्त करने के तरीके को गलत ठहराते हुए कहा कि नगरपालिका प्रशासन के अधीन ही है, अगर कोई बात थी या शिकायत थी तो अभिलेख दिन में भी मंगाए जा सकते थे। नगरपालिका चेयरमैन ने कहा कि प्रशासन यह सब शहर विधायक संजय गंगवार के इशारे पर कर रहा है। वह बीते डेढ़ साल से शहर के विकास में रोड़ा बने हुए हैं। नगरपालिका ने शहर की सड़कों और गलियों को ठीक कराने के लिए मैनुअली टेंडर कराए। दस लाख से कम के कामों में यही तरीका अपनाया जाता है, इसके बावजूद विधायक ई-टेंडर न होने की शिकायत कर रहे हैं। दूसरा वह हॉट मिक्स प्लांट से सड़कें बनाने को कह रहे हैं, अब कोई उन्हें यह बताए कि गलियों और कम चौड़ी सड़कों पर हॉटमिक्स प्लांट से कैसे काम हो सकता है। ऐसे में साधारण तरीके (मैनुअली) ही तो सड़कें बन पाएंगी।
चेयरमैन ने आरोप लगाया कि प्रशासन नगरपालिका के दो करोड़ सड़कों के निर्माण टेंडर कैंसिल करने के लिए झूठी शिकायतें की जा रही हैं। इसके पीछे शहर विधायक का दिमाग लगा है। चेयरमैन के अनुसार शहर विधायक ने प्रशासन को टेंडर कैंसिल कराने के लिए चिट्ठी लिखी। उसी के बाद एडीएम प्रशासन ने नगरपालिका को एक पत्र भेजा। इसमें यह बताया गया कि शहर विधायक ने शिकायत की है। इस शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने मैनुअली सड़क बनाने पर अप्रसन्नता व्यक्त की है। चेयरमैन ने कहा कि अगर विधायक झूठी शिकायतें करके इस तरह काम होने देने में अड़ंगा लगाएंगे तो वह उनके खिलाफ अपने समर्थकों समेत धरने पर बैठेंगी। मुख्यमंत्री को भी शिकायत भेजेंगी। उधर, शहर विधायक संजय सिंह गंगवार ने कहा कि वह चेयरमैन का सम्मान करते हैं, लेकिन उन्हें गलत तरीके से सड़कें बनाकर शहर के विकास के नाम पर डकैती नहीं डालने देंगे। मैनुअल सड़कों के निर्माण में घपलेबाजी की जांच हर हाल में होगी।
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पहले भी भिड़ चुके हैं दोनों
नगरपालिका चेयरमैन विमला जायसवाल और शहर विधायक संजय सिंह गंगवार इससे पहले भी भिड़ चुके हैं। डेढ़ साल पहले नगरपालिका के प्रस्ताव में सड़क को शामिल करने को लेकर दोनों के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर चला था। विधायक एक कॉलोनी में सड़क बनवाना चाहते थे, लेकिन चेयरमैन ने विधायक का सड़क बनाने का प्रस्ताव नगरपालिका बोर्ड में पारित नहीं होने दिया। हालांकि बाद में यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया था।
प्रशासन ने नगरपालिका दफ्तर का ताला तुड़वाकर रात में जिस तरह से अभिलेख कब्जे में लिए। वह तरीका पूूरी तरह गलत है। यह सब शहर विधायक के इशारे पर किया गया। विधायक मेरा और नगरपालिका कर्मियों का उत्पीड़न करा रहे हैं। यह सब इसलिए है ताकि मैं विकास कार्य ना करा सकूं और जनता हमें नकारा साबित करे। दो करोड़ की सड़कों के टेंडर में विधायक के अड़ंगा लगाने से काम चौपट हैं। अगर विधायक नहीं मानें तो हम अपने समर्थकों सहित विधायक के खिलाफ धरने पर बैठेंगे। मुख्यमंत्री से भी शिकायत करेंगे। -विमला जायसवाल, चेयरमैन, नगर पालिका
जनता द्वारा हमसे नगरपालिका के घपलों के संबंध में कई शिकायतें की गई थीं। इसके बाद मैंने डीएम वैभव श्रीवास्तव को इससे अवगत कराया था। उन्होंने ही नगरपालिका पर यह कार्रवाई की है। मेरे द्वारा कार्रवाई कराने की बात निराधार है। चेयरमैन और उनके पूर्व चेयरमैन पति का मैं पूरा सम्मान करता हूं, लेकिन दोनों को शहर के विकास के नाम पर नगरपालिका में डकैती नहीं डालने दूंगा। -संजय सिंह गंगवार, शहर विधायक
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