पीलीभीत। प्रदूषण की समस्या के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती से प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। जिला प्रशासन की सख्ती के बावजूद पराली जलाने पर रोक नहीं लग पा रही है। पराली जलाने की रोकथाम की कमान खुद डीएम वैभव श्रीवास्तव ने संभाल रखी है। डीएम ने अधिकारियों के साथ ग्रामीण इलाकों का भ्रमण कर पराली के हालात देखे। पराली जलाने पर रोक न लगने के चलते डीएम ने पूरनपुर एसडीएम और तहसीलदार का स्पष्टीकरण तलब किया गया है। पूरनपुर में पराली जलाने में रोक न लगाने पर पांच लेखपाल निलंबित कर दिए गए हैं।
पूरनपुर में पराली जलाना नहीं रुकने पर एसडीएम ने पांच लेखपालों को निलंबित कर दिया। पराली जलाने पर लगी पाबंदी के बाद कुछ लेखपालों और पुलिस कर्मी खेतों में उठता धुआं देखकर किसानों से वसूली करने में लगे थे। कुछ दलाल भी सक्रिय हो गए थे। राजस्व और पुलिस की सांठगांठ से पराली जलाई जा रही थी। जांच में एसडीएम चंद्रभानु सिंह ने गड़बड़ी पकड़ने पर पांच लेखपालों को निलंबित कर दिया। तहसीलदार आशुतोष कुमार ने बताया कि कल्यानपुर की लेखपाल प्रभा माथुर, सबलपुर के लेखपाल कीर्ति प्रसाद, घुंघचाई के लेखपाल संजीव कुमार, अभयपुर माधोपुर के लेखपाल विनय गंगवार, टंडोला के लेखपाल सुखलाल को निलंबित कर दिया गया। डीएम वैभव श्रीवास्तव ने खेतों में घूमकर कई खेतों में जली पराली पकड़ ली थी।
जनपद की पांच तहसीलों में धान की सीजन के प्रारंभ में ही पराली जलाने को लेकर सख्ती के निर्देश शासन से मिल गए थे। डीएम ने तहसील स्तर पर लेखपालों को इसकी जिम्मेदारी भी दी थी। लेखपालों से कहा था कि वह अपने क्षेत्र में भ्रमण कर निगरानी करेंगे। कोई पराली जलाता मिलने पर उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। लेखपालों ने फिर भी लापरवाही बरती। हालांकि अब तक इस क्रम में थानों में 94 एफआईआर दर्ज हो चुकी है। इनमें 270 किसानों को नामजद किया गया है। पराली जलाने पर 575 किसानों को प्रशासन की ओर से नोटिस दिए जा चुके हैं। जिले भर में किसानों से पराली जलाने पर 15.1 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया जा चुका है। किसानों से 5.68 लाख रुपये का जुर्माना वसूला भी जा चुुुका है। मगर, फिर भी खेतों में पराली जलाना नहीं रुका। अब डीएम ने इस मामले में लापरवाही बरतने पर एसडीएम और तहसीलदार पूरनपुर से स्पष्टीकरण तलब किया है।
अमरिया में सर्वाधिक किसानों पर एफआईआर, कलीनगर में जुर्माना
पराली जलाने पर सर्वाधिक एफआईआर पूरनपुर तहसील में 32 हुई हैं। सदर तहसील में 13, कलीनगर में 22, बीसलपुर में 8, अमरिया में 19 एफआईआर दर्ज की गईं। अमरिया में सर्वाधिक 111 किसान पराली जलाने के आरोपी बनाए गए, जबकि पूरनपुर में 84, कलीनगर में 44, बीसलपुर में 11, सदर में 20 किसान पराली जलाने के आरोपी हैं। जुर्माने में कलीनगर तहसील 5.45 लाख में से 2.77 लाख रुपये जुर्माना वसूल किया गया। सदर में 3.85 लाख में से 95 हजार, बीसलपुर में 2.65 लाख में से 77.5 हजार, पूरनपुर में 1.25 लाख में 81.1 हजार, अमरिया तहसील के अंतर्गत 1.90 लाख में से 37 हजार रुपये जुर्माना वसूला जा चुका है।
पराली जलाने में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। इस मामले में पूरनपुर में बड़ी कार्रवाई की गई है। वहां एसडीएम और तहसीलदार से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। पांच लेखपालों केे निलंबित किया गया है।- वैभव श्रीवास्तव, जिलाधिकारी