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कूड़ेदान घोटाले में 164 प्रधान फंसे, नोटिस जारी

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पीलीभीत। ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए रखवाए गए कूड़ेदानों की खरीद में करोड़ों के घोटाले का खुलासा डीएम की ओर से टीम गठित कर कराई गई जांच में हुआ है। इस घोटाले में 164 प्रधानों की भूमिका संदिग्ध पायी गई। कुछ पंचायत सचिव और डीआरडीए अफसर भी इस घोटाले में शामिल हैं। प्रधानों को फिलहाल नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। प्रधानों के अलावा ग्राम पंचायत और ग्राम विकास अधिकारियों पर भी इस घोटाले की गाज गिर सकती है।
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केंद्र और राज्य सरकार की स्वच्छ भारत मिशन अभियान में गांव-गांव कूड़ेदान रखवाए गए थे। यह कूड़ेदान कम दामों में खरीदे गए, लेकिन इनकी खरीद अधिक दामों में दिखाकर करोड़ों का गोलमाल किया गया। इसको लेकर पूर्व में तमाम शिकायतें हुई। इसके बाद डीएम वैभव श्रीवास्तव ने मामले की जांच के आदेश दिए थे। कूड़ेदान घोटाले की गूंज शासन तक पहुंची थी। इससे डीआरडीए से लेकर पंचायत राज विभाग और ब्लाकों में भी खलबली मच गई। ये मामला लंबे समय तक सुर्खियों में रहा लेकिन कार्रवाई की दिशा उतार-चढ़ाव वाली रही। घोटाले का शोर बढ़ने पर जांच को गति दी गई। बीच में अफसरों ने घोटाले की दबाने की बहुतेरी कोशिश की। डीएम वैभव श्रीवास्तव ने ब्लॉक स्तरीय कमेटी गठित करके जांच कराई। ब्लॉक स्तरीय कमेटी की की जांच रिपोर्ट में पूरी गाज प्रधानों पर गिरा दी गई है। सूत्रों की मानें तो इस जांच में कुछ बड़े खिलाड़ी बचा दिए गए, लेकिन जांच रिपोर्ट के बाद प्रधानों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। कूड़ेदान घपले में सचिवों का खेल भी है, लेकिन ब्लॉक स्तरीय जांच में इनको बचा दिया गया है। अभी 164 गाम पंचायत के प्रधानों को नोटिस जारी किए गए हैं।
ड्रम काटकर बनाए गए कूड़ेदान
जांच रिपोर्ट में यह सामने आया है कि गांव में रखवाए गए कूड़ेदान ड्रम काटकर बनवाए गए थे। इनकी कीमत एक हजार रुपये भी नहीं थी, लेकिन कूड़ेदान खरीद 7 हजार रुपये दर्शायी गई। कूड़ेदान खरीद का भुगतान ग्राम निधि के खाते से सात हजार रुपये प्रति कूड़ेदान के हिसाब से किया गया। ज्यादातर ग्राम पंचायतों ये कूड़ेदान टिक नहीं पाए। पंचायतों में सफाई का मकसद अधूरा रह गया। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद भी इस घोटाले को दबाने के प्रयास जारी हैं। हर बार की तरह इस बार भी प्रधानों को नोटिस देने के बाद मामला ठंडे बस्ते में डालने की तैयारी में पंचायत राज विभाग जुट गया है।
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डीएम के आदेश पर हुई जांच में गड़बड़ी मिलने पर 164 ग्राम प्रधानों को नोटिस भेजे गए हैं। इनके जवाब मिलने के बाद उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी। सचिवों की मिलीभगत को लेकर भी पड़ताल की जा रही है। किसी भी घोटालेबाज को बख्शा नहीं जाएगा। - प्रमोद कुमार यादव, डीपीआरओ
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