पीलीभीत। आयुष्मान योजना के पैनल में शामिल एक अस्पताल ने पात्र गरीब मरीज से इलाज करने के बाद रुपये ऐंठ लिए। इस मामले की शिकायत डीएम और सीएमओ से की गई है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्रधानमंत्री की आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना के नाम पर अस्पतालों में गरीब मरीजों के साथ जमकर खिलवाड़ किया जा रहा है। हाल ही में एक मामला सामने आया है। शहर से सटे पकड़िया नौगवा निवासी प्रेमराज ने अपनी पत्नी मुन्नी देवी के बीमार होने पर आयुष्मान योजना के पैनल में शामिल नौगवा चौराहे के समीप स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया। मुन्नी देवी के मुताबिक शुगर से ग्रस्त होने के कारण उसके लीवर में इंफेक्शन हो गया था और वह टीबी से भी ग्रस्त थी। भर्ती के दौरान उसने आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड, बैंक पासबुक की प्रति जमा कर दी। उसका इलाज चार सितंबर से नौ अक्तूबर तक चला। इलाज पूरा होने के बाद डॉक्टर ने इलाज के रुपये मांगे तो मुन्नी देवी ने पति के नाम से जारी आयुष्मान कार्ड से इलाज की धनराशि वसूलने की बात कही। आरोप है कि डॉक्टर ने पहले से सरकार पर 10 लाख रुपया बकाया होने की बात कहकर नकद भुगतान करने को कहा। इस पर उसने योजना के टोल फ्री नंबर से डॉक्टर का बात भी कराई, लेकिन डॉक्टर नहीं माने। मजबूरन मुन्नी देवी के पति ने रिश्तेदारों से उधार लेकर डॉक्टरों को 33860 रुपये भुगतान कर पत्नी की छुट्टी कराई। पीड़िता मुन्नी देवी ने इस मामले की शिकायत डीएम और सीएमओ से की है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग इस मामले में जांच कर रहा है।
इस मामले की जानकारी है। जांच भी चल रही है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
डॉ. अश्वनी कुमार गुप्ता, नोडल अधिकारी, आयुष्मान योजना