माधोटांडा (पीलीभीत)। टाइगर रिजर्व की ओर से बाइफरकेशन हेड किनारे बनाई जा रही वन चौकी के काम को सिंचाई विभाग ने रुकवा दिया है। सीमांकन के बाद इसको सिंचाई विभाग ने अपने क्षेत्र में होना बताया। इससे दोनों विभाग आमने-सामने आ गए हैं।
सिंचाई विभाग हेड वर्क्स खंड बाइफरकेशन कॉलोनी में नहरों का पूरा प्लेटफार्म बना है। इसमें नहरों की देखरेख के लिए तैनात कर्मचारियों का एक केबिन भी है। इसी केबिन के पूर्वी इलाके में टाइगर रिजर्व का जंगल है। टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने रविवार को इस जगह पर वन चौकी का पक्का निर्माण कराना शुरू किया। वन चौकी की नींव की खुदाई कराने का काम चल रहा था। इसकी जानकारी सिंचाई विभाग के अफसरों को लग गई। रविवार को सिंचाई विभाग के प्रभारी अवर अभियंता रोहित कुमार मौके पर पहुंच गए। उन्होंने सीमांकन इसका सीमांकन कराया तो निर्माणाधीन वन चौकी का एरिया सिंचाई विभाग की सीमा में निकला। सिंचाई विभाग के अभियंता ने वन चौकी का निर्माण तुरंत रुकवा दिया।
उनका कहना है कि बाइफरकेशन हेड के किनारे सिंचाई विभाग की नहरों का प्रमुख प्लेटफार्म है। इस जगह पर नहर के जरिए शारदा डैम में पानी भरा जाता है। शेष दो नहरों से प्रदेश के एक दर्जन जनपदों की लाखो एकड़ जमीन की सिंचाई होती है। इस जगह पर कोई और पक्का निर्माण कार्य बिना तकनीकी राय के नहीं कराया जा सकता। इसकी जानकारी विभाग के आला-अधिकारियों को दी गई। वन चौकी का निर्माण कार्य रुकने के बाद टाइगर रिजर्व भी हरकत में आ गया। बराही रेंज के रेंजर डीके गोयल ने बताया कि इसकी जानकारी विभागीय स्टाफ से मिली है। सिंचाई विभाग के इंजीनियरों से बातचीत की जा रही है।
टाइगर रिजर्व ने बिना अनुमति नहरों के सिंचाई सिस्टम के हेड पर केबिन के पीछे एक चौकी का निर्माण शुरू कराया था। सीमांकन के बाद काम रुकवा दिया गया है। इस स्थान पर पक्का निर्माण बिना तकनीकी राय के नहीं करा सकते हैं। - रोहित कुमार, प्रभारी अवर अभियंता, सिंचाई विभाग हेड वर्क्स उप खंड बाइफरकेशन