बिलसंडा। शव दफनाने की जगह को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। मृतक के परिजन शव दफनाने को गड्ढा खोदने पहुंचे तो दूसरे पक्ष ने विरोध कर दिया। हंगामा बढ़ने पर एसडीएम-सीओ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जानकारी की। बाद में कुछ दूरी पर कब्र खुदवाकर शव को सुपुर्द- ए- खाक कराया गया।
थाना क्षेत्र के गांव पिपरगहना की 70 वर्षीय छोटी बिटिया की बीमारी के चलते बुधवार को निधन हो गया। शव सुपुर्द-ए- खाक करने के लिए बृहस्पतिवार सुबह परिजन गांव में एक स्थान पर कब्र खोदने पहुंच गए। इस बीच दूसरे पक्ष के लोग जमा हुए और जगह को लेकर विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना था कि शव दफनाने के लिए जिस स्थान पर कब्र खोदी जा रही है, वह सार्वजनिक रास्ता है जबकि परिजन इसी भूमि पर शव दफन कराने की परंपरा बताते रहे। दोनों ओर से लोग जमा हुए और एक दूसरे को गलत ठहराया जाने लगा। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। मामला दो पक्षों से जुड़ा होने अफसर अलर्ट हो गए। कुछ ही देर में इंस्पेक्टर हरीशंकर वर्मा, नायब तहसीलदार मोहम्मद असलम टीम के साथ मौके पर आ गए। दोनों पक्षों को सुनकर जानकारी की। फिर राजस्व निरीक्षक छत्रपाल गंगवार को भी मौके पर बुला लिया। निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाकर मामला शांत कराया गया। राजस्व टीम से रास्ते की नाप कराई गई जिसमें वहां पर रास्ता होने की बात सामने आई। एसडीएम सौरभ दुबे, सीओ प्रवीण मलिक भी आ गए। उन्होंने दोनों पक्षों को शांति व्यवस्था बनाए रखने को कहा। इसके बाद शव को दफन कराने के लिए पड़ोस में कुछ दूरी पर जगह दी गई। परिजन ने शव को वहां पर दफन करा दिया। उधर, दूसरे पक्ष के लोग प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई से असंतुष्ट हुए और चले गए। हालांकि कार्रवाई का कोई विरोध नहीं किया।
शव दफन करने की जगह को लेकर विवाद की स्थिति बनी थी। इसको टीम ने मौके पर पहुंचकर शांत करा दिया है। अगर किसी को अब कोई दिक्कत है तो वह सिविल कोर्ट जा सकता है। बेवजह मामले को तूल देने की कोशिश की गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। - प्रवीण मलिक, सीओ