पीलीभीत। चेक बाउंस होने के मामले में सिविल जज जूनियर डिवीजन/ त्वरित न्यायालय डब्लूपी सक्षम शेखर ने थानाध्यक्ष को सरकारी कर्मचारी को आठ जून को न्यायालय में हाजिर करने के आदेश दिए हैं। पत्र में गैर जमानती वारंट तामील करने के लिए भी न्यायालय ने आदेश दिए हैं।
न्यायालय में परिवाद दायर करते हुए कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बागगुलशेर खां निवासी आशारानी पत्नी अटल वाल्मीकि ने कहा कि अमरिया के ग्राम सैरंदा पट्टी निवासी राजवीर ने रिश्तेदारी का फायदा उठाकर 13 अप्रैल 2019 को निजी आवश्यकता को लेकर 50 हजार रुपये उधार लिए थे। आठ माह में रुपये वापस करने का वादा किया था। आठ माह बाद जब रुपये वापस मांगे तो राजवीर ने एक चेक दिया। बैंक खाते में रुपये नहीं होने के कारण चेक बाउंस हो गया। चेक बाउंस होने के बाद राजवीर से कहा गया तो वह टालमटोल करने लगा। इसके बाद न्यायालय में परिवाद आशारानी द्वारा अधिवक्ता दाखिल किया गया। न्यायालय ने मामले में गंभीरता दिखाते हुए राजवीर को तलब किया गया। तय कई तिथियों पर राजवीर हाजिर नहीं हुआ। इसके बाद न्यायालय ने गैर जमानती वारंटी जारी किया, लेकिन अमरिया पुलिस राजवीर को गिरफ्तार नहीं कर सकी। इसके बाद न्यायालय ने कोतवाल को पत्र लिखकर आदेशित किया है कि आरोपी राजवीर को गिरफ्तार कोर्ट में पेश करें। संवाद