टाइगर रिजर्व में देशी और विदेशी पर्यटकों को लुभाने के लिए एक और इको
टूरिज्म स्पॉट विकसित किया जाएगा। इसके लिए वन विभाग ने 1.10 करोड़ रुपये
का एक प्रोजेक्ट बनाकर शासन को भेजा है। यह स्पॉट वाइफरकेशन से तराई जाने
वाले मार्ग के नजदीकी क्षेत्र में शारदा डैम के किनारे बनाया जाएगा।
टाइगर
रिजर्व बनने के बाद ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए प्रयास शुरू हुए थे
ताकि विदेशी पर्यटकों की आमद बढ़े। इधर टाइगर रिजर्व में बना इको टूरिज्म
चूका बीच कोर एरिया के काफी भीतरी हिस्से में है। ऐसे में पर्यटकों की अधिक
आमद से कोर एरिया में वाइल्ड लाइफ प्रभावित होगी। इसको लेकर वन
राज्यमंत्री फरीद महमूद किदवई कई बार विरोध भी जता चुके थे, लेकिन उन्होंने
यह भी कहा था कि इको टूरिज्म के लिए वाइफरकेशन के आसपास किसी स्थान का चयन
किया जाए। यहां आए प्रमुख सचिव आलोक रंजन ने भी टूरिज्म को बढ़ावा देने की
बात कही थी। इसके बाद से वन विभाग के अधिकारी वाइफरकेशन के आसपास अच्छे
स्थान की तलाश में जुट गए थे।
शारदा डैम के किनारे बनेगा नया टूरिज्म स्पॉट
वन
विभाग के अधिकारियों ने बाइफरकेशन के समीप शारदा डैम की टेल फॉल के बांई
ओर जहां एक नहर डैम में गिरती है। वहां इको टूरिज्म बनाने के लिए चुना है।
उस इलाके में टाइगर रिजर्व के साढ़े तीन हेक्टेयर क्षेत्रफल में स्पॉट
बनेगा। इसमें 1.10 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट बनाकर शासन को भेजा गया है।
जहां नेचर हट, सड़कें, तालाब, सौंदर्यीकरण समेत पर्यटकों को लुभाने के लिए
कैंटीन समेत कई विकास कार्य शामिल हैं।
एनटीसीए की मंजूरी के बाद ही बनेगा स्पॉट
यह
क्षेत्र कोर एरिया में पड़ता है, लेकिन मुख्य मार्ग के नजदीक है। ऐसे में
एनटीसीए ने यदि यहां पर इको टूरिज्म बनाने की मंजूरी दे दी तो इस क्षेत्र
के भी दिन बहुर जाएंगे। इस नए इको टूरिज्म को विकसित करने के लिए टाइगर
रिजर्व की तरह यहां के जनप्रतिनिधियों को पैरवी करनी होगी।
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अधिकारियों
के निर्देश पर बराही रेंज के क्षेत्र में साढ़े तीन हेक्टेयर में इको
टूरिज्म का प्रस्ताव बनाकर भेजा है। इस पर 1.10 करोड़ की लागत आएगी। यह
क्षेत्र कोर एरिया में पड़ता है, ऐसे में एनटीसीए की मंजूरी के बाद ही इसे
विकसित किया जाएगा।
- अनिल शाह, वन क्षेत्राधिकारी, बराही