उपाधि महाविद्यालय के चार माह से सील चल रहे लेखाकार कार्यालय से प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में जरूरी अभिलेख निकाले गए। अभिलेख निकालने के बाद कार्यालय को पुन: सील कर दिया गया।
महाविद्यालय में वित्तीय आशंका के चलते करीब चार माह पूर्व महाविद्यालय के कंट्रोलर/डीएम मासूम अली सरवर के निर्देश पर लेखाकार कार्यालय को सील कर दिया गया था। लेखाकार कार्यालय सील होने से महाविद्यालय में कार्यों के संचालन में बाधा आ रही थी। जिसको लेकर महाविद्यालय प्रशासन ने डीएम को समस्या से अवगत कराते हुए सील चल रहे लेखाकार कार्यालय से मेंटीनेंस पंजिका निकलवाने का आग्रह किया। इधर, सिटी मजिस्ट्रेट के निर्देश पर तहसीलदार इंद्राकांत द्विवेदी की देखरेख में मंगलवार को करीब 11 बजे सील लेखाकार कार्यालय को खोला गया। तहसीलदार ने लेखाकार अनिल गोयल को निकाले जाने वाले जरूरी अभिलेखों की सूची बनाकर उसकी फोटोस्टेट कॉपियां कराकर लेखाकार कार्यालय में रखने के निर्देश दिए। जरूरी अभिलेख निकालने के बाद लेखाकार कार्यालय को करीब चार घंटे बाद पुन: सील कर दिया गया। इस मौके पर न्यायिक नायब तहसीलदार अरुणमणि त्रिपाठी, प्राचार्य डॉ. प्रमोद कुमार सिंह, चीफ प्रॉक्टर डॉ. आरसी शुक्ला, कानून व लेखपाल मौजूद रहे।
अधिक अभिलेख निकाने
पर भड़के तहसीलदार
कार्यालय से केवल मेंटीनेंस पंजिका को निकालने का आग्रह किया था, लेकिन लेखाकार द्वारा मेंटीनेंस पंजिका के साथ कई अन्य अभिलेख निकाल लिए गए। जानकारी पर तहसीलदार ने लेखाकार की फटकार लगा दी। तहसीलदार ने मामले से डीएम को अवगत कराया, बाद में मेंटीनेंस पंजिका के अलावा अन्य अभिलेख पुन: कार्यालय में रखवा दिए गए।