फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pilibhit News: खुले नालों से हादसे का खतरा, जिम्मेदार मौन

विज्ञापन
शहर के स्टेशन पर खुला पड़ा पानी निकास नाला संवाद
विज्ञापन
पीलीभीत। शहर में खुले व बिना स्लैब वाले नाले हादसे को दावत दे रहे हैं। शहर में कई स्थानों पर पांच से छह फुट गहरे नालों पर स्लैब नहीं है। नगर पालिका के जिम्मेदार शहर के नालों को ढकने की योजना सिर्फ कागजों पर ही दौड़ा रहे हैं। इससे आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। बरेली में हुए हादसे से भी नगरपालिका के जिम्मेदार सबक नहीं ले रहे हैं।
विज्ञापन


शहर में स्टेशन मार्ग पर बना पानी निकास नाला कई स्थानों पर खुला हुआ है। स्लैब न रखा होने से हादसे का खतरा बना हुआ है। मोहल्ला नखासा, देश नगर, डिग्री कॉलेज और रामलीला मार्ग सहित कई स्थानों के पानी निकास नाले की हाल भी ऐसा ही है। विभिन्न मोहल्लों में खुले पड़े नाले लोगों की परेशानी का कारण बन गए हैं। कई जगहों पर नालों के ऊपर सीमेंट के स्लैब न होने से राहगीरों, खासकर बच्चों व बुजुर्गों को खतरा बना रहता है। शाम के समय व अंधेरे में इन नालों का पता न चलने से कई बार लोग गिरकर चोटिल होने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। इस संबंध में शिकायतें भी हुई हैं। नगर पालिका ने शहर के नालों को ढकने के प्रस्ताव भी बनाए, लेकिन कार्रवाई सिर्फ कागजों में ही सिमट गई।
बरसात के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है, जब नाले पानी से भर जाते हैं और उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है।

शहर में हैं छोटे-बड़े करीब 40 नाले
नगर पालिका क्षेत्र में छोटे-बड़े करीब 40 नाले हैं। इनमें पिछले वर्ष 9 करोड़ रुपये की लागत से करीब 26 नाले बनवाए गए थे। इन नालों में नौगवां चौराहे से रोडवेज बस अड़्डे जाने वाली सड़क के किनारे, डिग्री कॉलेज चौराहे के समीप, छतरी चौराहे से टनकपुर हाईवे के किनारे होकर गौहनिया चौराहे की ओर बनवाया गया नाला शामिल है। इन नालों को भी ढकने की योजना नहीं बनाई गई। संवाद
विज्ञापन


अब जो नए नाले बनाए जाएंगे, वे कवर्ड होंगे। पूर्व में बने नालों को ढकने का प्रस्ताव कार्ययोजना में शामिल किया गया है। स्वीकृति मिलने पर काम कराया जाएगा। - संजीव कुमार, ईओ नगर पालिका, पीलीभीत

शहर के स्टेशन पर खुला पड़ा पानी निकास नाला संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें