पीलीभीत। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर शुरू होने के बाद भी शासन से दिए निर्देशों का धरातल के बजाय कागजों में ही पालन कराया जा रहा है। जनपद की सीमाओं पर लगाए गए कैंप में टीमें चंद लोगों की जांच करके आंकड़े दुरुस्त करती हैं, फिर सड़कों पर कोई कर्मचारी दिखाई तक नहीं देता। अगर खुद कोई यात्री बस या निजी वाहन रुकवा कर जांच को पहुंच गए तो ही कोरोना संक्रमण की जांच की जा रही है। अधिकांश समय तो कोई पूछने वाला ही नहीं होता।
त्योहारी सीजन के बाद कोरोना के बढ़ने का कयास लगाया जा रहा था। दिवाली से अब तक करीब 200 कोरोना केस सामने आ चुके हैं। दिल्ली में मरीज बढ़े तो अलर्ट किया गया था। दिल्ली, बिहार, राजस्थान, मध्यप्रदेश, तमिलनाडू समेत कई राज्यों से आने वाले लोगों की कोरोना जांच करने के लिए जनपद की सीमा में प्रवेश करने वाले प्वाइंटों पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें बैठाई गईं। रोडवेज के अफसरों से भी संपर्क साधा गया। रणनीति तो बन गई, मगर पालन कराने में कोई गंभीर नहीं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी आंकड़ेबाजी पर अधिक ध्यान दे रहे हैं।
डीएम ने सख्ती दिखाई तो स्वास्थ्य विभाग ने खुद पर आंच आता देख कार्रवाई शुरू कर दी। 25 नवंबर से ललौरीखेड़ा पीएचसी, पूरनपुर में असम चौराहा पर, बीसलपुर में चुर्रासकतपुर, अमरिया सितारगंज बार्डर और मुड़लिया गौसू में कैंप लगाकर एंटीजन किट और आरटीपीसीआर से कोरोना जांच कराई जाने लगी। इसमें टीमें कागजों में अधिक दौड़भाग कर रही हैं। धरातल पर कुछ देर रहकर सैंपलिंग करते हुए आंकड़ा बनाया जाता और फिर चले जाते हैं। इसकी हकीकत शुक्रवार को भी सीमावर्ती इलाकों में बनाए गए प्वाइंटों पर दिखाई दी।
सीन एक
नहीं दिखाई दिए वाहनों को रोकने के लिए पुलिस कर्मी और स्वास्थ्य टीम
बरेली हाईवे पर ललौरीखेड़ा पीएचसी के पास स्वास्थ्य विभाग ने कैंप लगाकर दिल्ली और अन्य राज्यों से रोडवेज बस और निजी वाहनों से आने वाले यात्रियों की कोरोना जांच करने के लिए टीमों को लगाया था। मगर शुक्रवार को इस स्थान पर न तो स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे और न ही वाहनों को रोकने के लिए पुलिस। बाहर से आने वाले वाहन बेरोकटोक गुजरते रहे।
सीन नंबर दो
बाहर से आने वालों की कुर्सियां कर रहीं निगरानी
पूरनपुर में असम चौराहा के पास स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाए गए कैंप में स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम मौजूद नहीं थी। दोपहर 12 बजे बहराइच से सवारी लेकर आ रही रोडवेज बस जब कोरोना जांच करने के लिए वहां रुकी तो कोई भी स्वास्थ्य कर्मी मौजूद नहीं मिला। इस पर बिना जांच कराएं ही बस के यात्री आगे निकल गई।
सीन नंबर तीन
स्वयं पहुंचने वालों की हो रही कोरोना जांच
बरेली से बीसलपुर मार्ग पर बाहर से आने वाले यात्रियों की कोरोना की जांच के लिए चुर्रासकतपुर पुलिस चौकी पर स्वास्थ्य विभाग ने कैंप लगाया है। मगर कैंप में मौजूद रहने वाली टीम सिर्फ खुद पहुंचने वाले यात्रियों की ही कोरोना जांच कर रही है। जांच के दौरान अधिकांश यात्री अपना नाम और मोबाइल नंबर गलत नोट करा रहे हैं। ऐसे में अगर कोई संक्रमित निकलता है तो उन्हें ट्रेस करना मुश्किल होगा। सुबह से ही बसें निकलना शुरू हो जाती हैं। मगर टीम दोपहर बाद से जांच करने के लिए पहुंचती है। 24 नवंबर से अभी तक केवल 500 लोगों की जांच हो पाई है। इनमें कोई भी कोरोना पॉजिटिव नहीं निकला।
सीन नंबर चार
उत्तराखंड सीमा पर भी बरती जा रही लापरवाही
उत्तराखंड से आने वाले यात्रियों की भी कोरोना जांच करने के लिए बिरहनी चौकी और अमरिया सितारगंज बार्डर पर स्वास्थ्य विभाग की टीम को लगाया गया है। मगर दोनों ही जगह पर टीमों के द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। बिरहनी चौकी पर सुबह 11 बजे स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद नहीं थी। उत्तराखंड से आने वाले लोग बिना जांच कराएं ही धड़ल्ले से अमरिया, मझोला, न्यूरिया समेत शहरी क्षेत्र में पहुंच रहे थे। जब पता किया गया तो स्वास्थ्य विभाग की टीम दोपहर एक बजे से जांच करने के लिए वहां पहुंची।
25 नवंबर से तीन दिसंबर तक हुई जांचों की स्थिति
स्थान - एंटीजन किट - आरटीपीसीआर
ललौरीखेड़ा - 293 - 320
पूरनपुर - 199 - 200
बीसलपुर - 248 - 211
अमरिया- 431 - 433
मुड़लिया गौसू - 389 - 435
बाहर से आने वाले यात्रियों की टीमें जांच कर रही हैं। सभी एमओआईसी को निर्देश हैं कि रोजाना टीमों को चेक करें। अगर कोई भी गैर हाजिर मिलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करें। किसी तरह कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इन प्वाइंटों को भी चेक कराया जाएगा।
- डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ