पीलीभीत। कोरोना संक्रमण के चलते सभी स्कूल बंद हैं। इसको लेकर समग्र शिक्षा के राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद ने निर्देश दिए हैं कि दिव्यांग बच्चों को भी ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कराई जाए ताकि वह घर पर रहकर ही पढ़ाई पूरी कर सकें।
कोरोना संक्रमण के चलते एक्सीलरेटेड लर्निंग स्कूल में रहकर पढ़ाई करने वाले दिव्यांग बच्चों को भी उनके घरों में भेज दिया गया था। इससे इन बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह से बाधित हो गई। समग्र शिक्षा के राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद ने अफसरों को निर्देश दिए हैं कि अन्य बच्चों की तरह दिव्यांग बच्चों की भी ऑनलाइन पढ़ाई कराई जाए ताकि उनका साल बर्बाद न हो। बीएसए देवेंद्र स्वरूप ने बताया कि दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों को व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए जोड़ा जाएगा। शिक्षक वीडियो कॉल के माध्यम से भी बच्चों की पढ़ाई में आ रही बाधाओं का दूर करेंगे। ऑनलाइन पढ़ाई की निगरानी के लिए जिला समन्वयक राकेश पटेल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला समन्वयक हर सप्ताह ऑनलाइन टीचिंग प्रोग्राम की मॉनिटरिंग कर बच्चों के अभिभावकों से फीडबैक लेकर रिपोर्ट शासन को भेजेंगे। बीएसए का कहना है कि अगर किसी भी शिक्षक ने ऑनलाइन पढ़ाई में लापरवाही बरती तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दीक्षा एप से होगी ऑनलाइन पढ़ाई
पीलीभीत। लॉकडाउन के बाद विद्यालयों में ऑनलाइन पढ़ाई पर जोर है। इसे लेकर शिक्षा विभाग ने दीक्षा एप से पढ़ाई करने का निर्णय लिया है, ताकि विद्यार्थी स्कूल के पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई कर सकें।
लॉकडाउन में सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद ने निर्देश दिए हैं कि बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों के शिक्षक दीक्षा एप के माध्यम से पढ़ाई कराएं। इस एप में कक्षा एक से लेकर आठ तक की पाठ्य सामग्री मौजूद है। बीएसए देवेंद्र स्वरूप ने बताया कि दीक्षा एप से बच्चों को पढ़ने में आसानी होगी। इसके लिए शिक्षकों को गांव-गांव जाकर अभिभावकों के मोबाइल में एप डाउनलोड भी करना होगा। जिसके बाद पढ़ाई सुचारू हो सकेगी। संवाद