पीलीभीत। चेक बाउंस के मामले में सुनवाई के बाद दोषी को एक साल की सजा सुनाई गई। अपर सत्र न्यायाधीश त्रिभुवन नाथ पासवान ने फैसला सुनाया। आरोपी पर 8.50 लाख रुपये बतौर क्षतिपूर्ति वादी को दिए जाने का आदेश दिया है। इसके अलावा आरोपी को 50 हजार रुपये राज्य सरकार को देने होंगे।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बशीर खान निवासी हाजी मोहम्मद मियां ने न्यायालय में परिवाद दाखिल किया। बताया कि 27 जुलाई 2018 को सुनगढ़ी क्षेत्र के ग्राम चिड़िया दाह निवासी इदरीस अंसारी ने कृषि भूमि खरीदने के लिए 27 जुलाई 2018 को पांच लाख रुपये और 30 जुलाई 2018 को एक लाख रुपये कुल छह लाख रुपये एक माह के लिए उधार लिए थे।
शपथ पत्र में तय तिथि के बाद भी आरोपी ने रुपये वापस नहीं किए। जब रुपये मांग को 23 मई 2019 को इदरीस ने छह लाख रुपये का एक्सिस बैंक का चेक हाजी मोहम्मद मियां के नाम से दिया। 27 मई 2019 को जब चेक को बैंक में लगाया तो खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण भुगतान करने से इन्कार करते हुए चेक वापस कर दिया। तब हाजी मोहम्मद मियां ने न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया।
इसकी सुनवाई के बाद सिविल जज (सीनियर डिवीजन) एफटीसी ने आरोपी इदरीस अंसारी को चेक अनादरण का दोषी पाते हुए 22 अप्रैल 2024 को एक साल के कारावास और 10 लाख रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाई थी। अर्थ दंड की धनराशि में से 8.50 लाख रुपये बतौर क्षतिपूर्ति परिवादी को दिए जाने का आदेश दिया, जबकि 50 हजार रुपये की धनराशि राज्य सरकार को अदा करने का आदेश पारित किया है।