शहर के घनी आबादी के बीच एक घर में
रविवार दोपहर शार्टसर्किट से आग लग गई। गनीमत यह रही कि जिस स्टोर रूम में
आग लगी। उसमें रखे आठ एलपीजी सिलेंडरों तक आग नहीं पहुंच सकी। पूरनपुर की
महदिया स्थित मानव रहित रेलवे क्रासिंग पर मैलानी से आ रही पैसेंजर ट्रेन
ट्रैक्टर ट्रॉली से टकराते बची। ट्रेन चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाए तो
ट्रेन में बैठी सवारियां एक-दूसरे पर जा गिरीं। यदि दोनों हादसे हो जाते तो
कइयों की जान जा सकती थी।
हादसा: एक
शार्ट सर्किट से स्टोर रूम में लगी आग
पीलीभीत।
शहर कोतवाली क्षेत्र का मोहल्ला साहूकारा घनी आबादी वाला मोहल्ला है।
मोहल्ला निवासी एफसीआई विभाग के रिटायर्ड कर्मचारी विनोद कुमार अग्रवाल के
घर स्टोर रूम में आठ एलपीजी सिलेंडर रखे थे। दोपहर करीब डेढ़ बजे शार्ट
सर्किट से स्टोर रूम में आग लग गई। धुंआ उठने पर घर वालों को आग लगने की
जानकारी हुई। जिससे घर में हड़कंप मच गया। तमाम लोगों की भीड़ जुट गई। गैस
सिलेंडर रखे होने की सूचना पर लोग घर के अंदर घुसने का साहस नहीं कर सके।
सूचना पर दमकलकर्मी जब पहुंचे तो उनकी गाड़ी रास्ता चौड़ा न होने के कारण
घटना स्थल तक नहीं पहुंच सकी। दमकलकर्मियों ने घटना स्थल से करीब 100 मीटर
दूर गाड़ी खड़ी कर आनन-फानन में आग बुझानी शुरू की। गनीमत यह रही कि समय से
फायर बिग्रेड मौके पर पहुंच गई, जिससे आग पर काबू पा लिया गया। यदि
सिलेंडरों में आग लग जाती तो जानमाल की बड़ी क्षति हो सकती थी।
भंडारे के लिए एकत्र किए थे सिलेंडर
गृहस्वामी
विनोद कुमार अग्रवाल ने बताया कि वह कांवरथी सेवा दल के संस्थापक हैं।
गंगा स्नान दशहरा के मौके पर 28 मई को ऐतिहसिक गौैरीशंकर मंदिर पर भंडारा
कराने के लिए आठ सिलेंडर लोगों से मांगकर एकत्र किए थे।
हादसा: दो
मानव रहित रेलवे क्रासिंग पर छूकर निकल गई मौत
पीलीभीत/पूरनपुर।
मैलानी से चलकर पीलीभीत जाने वाली 52224 पैसेंजर में सवार यात्रियों मेें
रविवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब ट्रेन चालक ने गांव महदिया के समीप
मानव रहित रेलवे क्रासिंग से निकल रही ट्रैक्टर-ट्रॉली को बचाने के लिए
इमरजेंसी ब्रेक लगाए। जिस पर ट्रेन का इंजन ट्रॉली को छूते हुए रूक गया।
इससे बड़ा हादसा बच गया। जीआरपी स्क्वायड और ट्रेन चालक ने ट्रैक्टर-ट्रॉली
का कुछ दूरी तक पीछा किया, लेकिन चालक ट्रैक्टर-ट्रॉली ले कर भागने में
सफल रहा। रेलवे क्रासिंग पर तैनात संविदा कर्मचारी ने जीआरपी को बताया कि
उसने ट्रेन को आते देख रुकने को कहा था। घटना को लेकर ट्रेन करीब दस मिनट
खड़ी रही। स्टेशन अधीक्षक मोहम्मद इजराइल नेे बताया कि ऐसी किसी घटना की
जानकारी नहीं है। ट्रेन चालक द्वारा भी कोई मेमो नहीं दिया गया है।
इससे पहले भी इस गेट पर हो चुके है हादसे
इससे
पहले 25 फरवरी 2013 को ट्रेन की टक्कर से ट्रैक्टर के परखच्चे उड़ गए थे।
ट्रैक्टर पर सवार लोग ट्रैक्टर को छोड़कर भाग गए थे। ट्रैक्टर तीन टुकड़ों
में बट गया था। सात अप्रैल 2013 को लकड़ी से भरी ट्रैक्टर-ट्राली के ट्रेन
की टक्कर से परखच्चे उड़ गए थे। उस दौरान ट्रैक्टर-ट्राली पर सवार दो
लोगों की मौत हो गई थी।
अवैध खनन कर पूरी रात गुजरती ट्रैक्टर-ट्राली
महादिया
के समीप मानव रहित रेलवे क्रासिंग से करीब डेढ़ दर्जन गांव के लोगों का
आवागमन होता है। किसान गन्ना आदि की फसलें मंडी में इसी रुट से ले जाते
हैं। इसके अलावा क्षेत्र में कई महीनोें से मिट्टी का अवैध खनन क्षेत्र में
जोरों से हो रहा है। पूरी रात अवैध खनन कर मिट्टी ले जाने वाली
ट्रैक्टर-ट्रालिया पूरी रात चलती रहती हैं।