त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में आरक्षण लागू करने के लिए जातिगत आंकड़े एकत्र किए जाने हैं। इसके लिए शासन ने सभी गांव में रैपिड सर्वे के कार्यक्रम का आदेश जारी किया है। 15 जून तक सर्वे टीम का गठन और प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद 18 जुलाई को अंतिम सूची का प्रकाशन होगा।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए तैयारियां चल रही हैं। परिसीमन कार्य पूरा होने के बाद आरक्षण लागू होना है लेकिन जातिगत आंकड़े न होने के कारण दिक्कत आ रही थी। इसको लेकर अमर उजाला ने 13 मई के अंक में खबर भी प्रकाशित की थी। अमर उजाला की खबर को संज्ञान में लेकर अधिकारियों ने शासन से निर्देश मांगे।
इस पर अब शासन ने रैपिड सर्वे कराने का कार्यक्रम जारी किया है। 15 जून तक प्रगणक, पर्यवेक्षक एवं जोनल अधिकारियों की नियुक्ति कर उन्हें प्रशिक्षित कर सामग्री वितरित की जाएगी। 15 जून से 25 जून तक डोर टू डोर सर्वे होगा। 30 तक पंचायत वार सूचियां तैयार कर प्रकाशन होगा। चार जुलाई तक आपत्तियां ली जाएंगी जिनका 10 जुलाई तक निस्तारण होगा। 15 जुलाई तक सूचियों को एकत्र कर कंप्यटूर में फीड किया जाएगा और 18 जुलाई को डीएम द्वारा इनका प्रकाशन किया जाएगा।
200 परिवारों पर रहेगा एक प्रगणक
रैपिड सर्वे के लिए बेसिक टीचर, लेखपाल, ग्राम पंचायत अधिकारी, किसान सहायक, ग्राम स्तरीय राज्य कर्मचारियों को प्रगणक के रूप में कार्य करेंगे। ग्राम पंचायत स्तर पर प्रत्येक 200 परिवारों पर एक प्रगणक की नियुक्ति की जाएगी। 10 प्रगणकों पर एक सुपरवाइजर रहेगा। इस प्रकार जिले में लगभग 1500 प्रगणक और 150 सुपरवाइजर काम करेंगे।
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पंचायत चुनाव में आरक्षण के निर्धारण को जातिगत आंकड़े एकत्र करने हैं। इसके लिए रैपिड सर्वे का कार्यक्रम प्राप्त हो गया है। इसे सभी ब्लाकों में भेजकर प्रगणकों की नियुक्ति के निर्देश दिए गए हैं।
- वीपी सक्सेना, डीपीआरओ