मृतक पूरनलाल उर्फ सागर का फाइल फोटो।
- फोटो : रोते-बिलखते परिजन।
मझोला (पीलीभीत)। बिथरा गांव में पूरनलाल का परिवार आरोपियों की दबंगई से परेशान था। परिजनों की मानें तो आरोपी पक्ष अक्सर विवाद पर उतारू रहता था। 10 मार्च की शाम को पूरनलाल के फोन पर बात करते हुए रास्ते से गुजरने पर भी आरोपियों ने एतराज जताते हुए गाली-गलौज की थी।
पूरनलाल के चाचा कालीचरन ने समझा-बुझाकर दोनों को अलग कर दिया। आरोपियों ने चाचा के सामने धमकी दी थी कि इस बार खून की होली खेलेंगे।
गांव में मृतक और आरोपियों का घर सौ मीटर के दायरे में है। चाचा कालीचरन के अनुसार एक साल पूर्व भी आरोपियों ने मारपीट की थी। उस समय पूरनलाल अपनी बाइक लेकर रास्ते से गुजर रहा था। इसपर आरोपी शिवम और उसके परिजनों ने बाइक की आवाज तेज होने का विरोध करते हुए उसे रोककर पीटा था।
बचाने पहुंचे कालीचरन समेत परिवार के सात लोगों के साथ भी मारपीट की थी।
मामले में तहरीर देने पर उनके पक्ष की रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई थी। जबकि आरोपी शिवम पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने पूरनलाल समेत सात लोगों के खिलाफ मारपीट और एससीएसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी।
यह मुकदमा विचाराधीन है। परिजनों के अनुसार इसके बाद से आरोपी विवाद करने पर उतारू रहते थे। वह पहले भी बड़े विवाद को अंजाम देने में लगे रहते थे। कालीचरन ने बताया कि हमें बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि इतनी बेरहमी से आरोपी हत्या करेंगे।
मृतक पूरनलाल उर्फ सागर का फाइल फोटो।- फोटो : रोते-बिलखते परिजन।