पीलीभीत। जिले के किसान खाद के लिए भटक रहे हैं और कृषि विभाग कागजी आंकड़ों को दुरुस्त करने में जुटा है। पूरनपुर, बीसलपुर, घुुंघचाई और अन्य स्थानों की करीब 50 से अधिक समितियों पर डीएपी और अन्य खाद नहीं हैं। जिन समितियोंं पर खाद है, वहां एक भी किसान को पूरी मात्रा में खाद नहीं दी जा रही है। जिससे किसान परेशान हैं। किसान संगठन धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं और अफसर बेपरवाह हैं। संवाद
बीसलपुर : 27 समितियों से जुड़े अन्नदाता काट रहे चक्कर
बीसलपुर। तहसील क्षेत्र की सभी 27 सहकारी समितियों में पिछले एक सप्ताह से खाद नहीं है। किसान इधर से उधर भटक रहे हैं। रोजाना समितियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन खाद नहीं मिल रही। किसानों ने विभागीय अधिकारियों से भी शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान अब तक नहीं हुआ। इस बाबत अपर जिला सहकारी अधिकारी आरडी पांडेय ने बताया कि खाद की रैक आने वाली है। बहुत जल्द सभी समितियों पर पर्याप्त मात्रा में खाद पहुंच जाएगी। संवाद
पूरनपुर-कलीनगर में भी 21 जगह टोटा
पूरनपुर। पूरनपुर और कलीनगर तहसील क्षेत्र में 23 सहकारी समितियां है। हजारा और कबीरगंज को छोड़कर किसी भी समिति पर खाद नहीं है। खाद न होने से गेहूं, सरसों, मटर, आलू, गन्ना की बोआई रुक गई है। भाकियू टिकैत गुट के किसान नेता स्वराज सिंह ने बताया कि क्षेत्र की किसी भी समिति पर खाद न होने से किसान परेशान हैं। अपर जिला सहकारी अधिकारी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि हजारा और कबीरगंज समिति पर खाद का वितरण कराया जा रहा है। अन्य समितियों पर पहले मंंगवाई गई खाद समाप्त हो गई है। मांग के अनुसार खाद नहीं मिल पा रही है। शीघ्र ही समितियों पर खाद पहुंचेगी। संवाद
दिलावरपुर समिति पर डीएपी और न ही एनपीके
घुंघचाई। दिलावरपुर साधन सहकारी समिति पर डीएपी और एनपीके खाद न मिलने से किसानों की गेहूं की बोआई प्रभावित हो रही है। किसानों का कहना है कि बोआई में देरी न हो इसके लिए निजी दुकानों पर अधिक दाम पर खाद लेनी पड़ रही है। गांव के देवकी नंदन, रामकिशन, जमुना प्रसाद, पप्पू, राम अवतार, सर्वेश, सेवाराम, प्रकाश, विजय कुमार, रोहित सहित कई किसानों ने बताया कि कई दिनों से खाद लेने के लिए समिति के चक्कर लगा रहे हैं।
अमरिया : सिर्फ 100 कट्टा एनपीके उपलब्ध
अमरिया। सहकारी समिति अमरिया पर डीएपी नाममात्र ही बची है। एनपीके भी सिर्फ सौ कट्टा है। इस वजह से किसानों को पर्याप्त खाद नहीं मिल पा रही है। एक किसान को सिर्फ तीन बोरी खाद दी जा रही है। भले ही उसके पास 10 एकड़ जमीन हो या 20 एकड़।
किसानों का दर्द
समितियों पर खाद उपलब्ध न होने के लिए विभाग पूरी तरह से जिम्मेदार है। विभाग का दायित्व है कि सभी समितियों पर अति शीघ्र खाद उपलब्ध कराए।
- गौतम शर्मा, गांव अमृता खास बीसलपुर
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40 बीघा जमीन पर गेहूं की बुआई करना है। अपनी 20 बीघा जमीन के लिए तीन कट्टे खाद मिली है। 20 बीघा जमीन ठेके पर ली है। इसके लिए खाद नहीं मिल पा रही है।
- मोहम्मद यासीन, अमरिया
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दस एकड़ जमीन के लिए केवल तीन कट्टे खाद ही मिल सकी है। बाकी खाद के जहां-तहां भटक रहे हैं।
- अफरोज अहमद, अमरिया
अधिकारियों को किसानों से कोई मतलब नहीं हैं। इसको लेकर सोमवार को जिला कृषि अधिकारी का घेराव भी किया गया। खाद की समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन किया जाएगा।
- मंजीत सिंह, जिलाध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक
जिले में समितियों और निजी दुकानों पर करीब 2400 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है। जिन समितियों पर खाद नहीं है, वहां एक-दो दिन में पहुंच जाएगी।
- नरेंद्र सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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डीएम बोले-कम वितरण पर होगी कार्रवाई
पीलीभीत। डीएम संजय कुमार सिंह ने सोमवार को मंडी गेट स्थित मैसर्स किसान एग्रो ट्रेडर्स की दुकान का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने उर्वरक प्रक्रिया देखा।
निरीक्षण में 14.95 मीट्रिक टन यूरिया, 0.05 मीट्रिक टन एनपीके और रबी फसलों की बोआई के लिए गेहूं, सरसों, मटर आदि के बीज उपलब्ध मिले। डीएम ने निर्देश दिए कि किसानों को सही से खाद बांटी जाए। किसानों को उनकी जोत के आधार पर ही वितरण हो। उर्वरक के साथ कम प्रचालित उत्पादों की जबरन टैगिंग न करें।
खाद वितरण में कमी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने जिला कृषि अधिकारी को नियमित उर्वरक बिक्री केंद्रों पर निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए। संवाद
गौतम शर्मा।
गौतम शर्मा।
गौतम शर्मा।
गौतम शर्मा।
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