सूर्य देव में अटूट् आस्था रखने वाले श्रद्धालुओं ने छठ पूजन के अंतिम दिन श्रद्धालुओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य दिया और छठ मैया की पूजा अर्चना कर व्रत का परायण किया।
पूर्वांचल की तर्ज पर जिले में भी छठ आस्था व श्रद्धा के साथ मनाई गई। रविवार शाम श्रद्धालुओं ने नदियों व जलाशयों पर पहुंचकर अस्त होते सूर्य को अर्घ्य दिया और छठ मैया की आराधना की। पर्व के अंतिम दिन यानी सोमवार की अल सुबह तमाम श्रद्धालुओं के बरहा रेलवे क्रासिंग के समीप स्थित जलाशय पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। महिलाएं नए वस्त्र धारण कर बांस के सूप व टोकरियों में फल, मेवा, अनाज, नारियल, मिष्ठान व गन्ना आदि लेकर पहुंची। पूजन सामग्री तालाब के निकट रखकर महिलाएं कलश में जल लेकर तालाब खड़े होकर सूर्योदय का इंतजार करते दिखी। सूरज की पहली किरण निकलने पर श्रद्धालुओं ने अर्घ्य दिया। पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि की कामना को लेकर मनौतियां मांगी। पर्व को लेकर जलाशय व उसके आसपास भव्य सजावट की गई थी। व्रतधारियों ने बुजुर्गों का आशीर्वाद लेने के साथ प्रसाद ग्रहण किया और व्रत का परायण किया।
बीसलपुर। छठ के तहत श्रद्धालुओं ने स्थानीय चीनी मिल परिसर स्थित जलाशय में सूर्यदेव की विधिविधान से आराधना की। महिलाओं ने सूप में फल, मिष्ठान, मेवा, फूल आदि रखकर सूर्य भगवान को अर्घ्य दिया। पूजा अर्चना चीनी मिल मंदिर के पुजारी अशोक शास्त्री ने कराई। इस दौरान सुगंधी देवी, पार्वती देवी, किश, अमिता, खुशी, पूजा, लालता देवी, सुमन, किरन, पुष्पा, शिवानी, प्रीति, रामवती, अंकिता और सुनीता आदि महिलाएं शामिल रहीं।
हजारा। क्षेत्र में छठ उत्साह के साथ मनाई गई। विजयनगर, राणाप्रतापनगर, राजीवनगर, श्रीनगर, सिद्धनगर, आजादनगर, नेहरूनगर, शास्त्रीनगर आदि इलाके की व्रतधारी महिलाओं ने सुबह सूर्यदेव को अर्घ्य दिया।