शासन ने वर्ष 2011 में जिला अस्पताल के उच्चीकरण को आठ करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर की थी। इसमें पुरुष व महिला अस्पताल में चार-चार करोड़ रुपये की लागत से उच्चीकरण कार्य कराए जाने थे। प्रथम चरण में दोनों अस्पतालों को एक-एक करोड़ की धनराशि आवंटित की गई। इसके तहत पुरुष अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड, ऑपरेशन थियेटर आदि कार्य पूरे कर लिए गए। महिला अस्पताल में ओटी निर्माण को 75 लाख की लागत से उपकरणों की खरीद भी की गई थी। यही खरीद जिला अस्पताल के लिए ग्रहण साबित हुई थी। कैग की जांच रिपोर्ट आने के बाद सीबीआई ने अक्तूबर 2011 में कार्यों पर रोक लगा दी थी। तब से उच्चीकरण का कार्य यहां ठप पड़ा था।
इधर, शासन ने एनआरएचएम के तहत होने वाले उच्चीकरण कार्य में लगी रोक को हटा दी है। महिला अस्पताल में करीब एक करोड़ रुपये की लागत से उच्चीकरण कार्य शुरू किए गए हैं। इस धनराशि से फर्श, टाइल्स, प्राइवेट व जनरल वार्डों का निर्माण आदि का कार्य शुरू करा दिया गया है।
मॉडयुलर ओटी का कार्य लटका
महिला अस्पताल में मॉडयुलर ओटी बनना प्रस्तावित है। ओटी के लिए की गई 75 लाख की उपकरण खरीद के बाद कार्यों पर रोक लगा दी गई थी। इधर, शासन ने उच्चीकरण कार्य पर लगी रोक तो हटा दी है, लेकिन मॉडयुलर ओटी का कार्य शुरू करने की इजाजत नहीं दी है।
एनआरएचएम के कार्यों पर लगी रोक शासन ने हटा दी है, लेकिन मॉडयुलर ओटी के निर्माण पर अभी भी रोक लगी है। शासन से अनुमति मिलने के बाद उच्चीकरण कार्य शुरू करा दिए गए हैं।
डॉ. पुष्पलता शमी, सीएमएस, महिला अस्पताल