पीलीभीत। पूर्व मंत्री हाजी रियाज अहमद के बेटे डॉ. शाने अली का बसपा से उम्मदीवार बन जाने के बाद सदर सीट पर सपा की राह अब आसान नहीं रही। भाजपा को कड़ी टक्कर देने की उम्मीद के बीच अब सपा को बागियों से बड़ी चुनौती भी निपटना होगा। शाने अली को जिले की राजनीति में काफी प्रभाव रखने वाले पिता के नाम का फायदा मिलता दिख रहा है तो सपा भी उनके नाम को पार्टी से जोड़कर समर्थकों के बीच पहुंच रही है। अब मुकाबला दिलचस्प होगा। यह देखने की बात है कि किसे ज्यादा फायदा मिलता है?
शाने अली को सोमवार को बसपा ने बड़े सोच समझकर सदर सीट पर उतारा ताकि उनके पिता की सियासी साख का पूरा फायदा मिले। सपा से टिकट न मिलने के बाद वह पहले ही चुनाव में कूदने का एलान कर चुके थे। उनका कहना है कि सदर सीट पर वह जीत हासिल करेंगे। उनके पिता ने जो शहर के लिए किया जनता उनके साथ है। उन्होंने ये भी कहा कि सपा का उन्होंने हमेशा सम्मान किया लेकिन उसके बदले में पार्टी ने ये सिला दिया। उन्होंने अपनी फाइट भाजपा के उम्मीदवार से बताई है।
हाजी रियाज अहमद पार्टी के लिए बहुत मायने रखते थे। उनके समर्थक सब पार्टी के साथ है। उनके बेटे के बजाए लोग सिर्फ सपा को देख रहे हैं। उम्मीद है कि लोग पार्टी को महत्व देंगे।
जगदेव सिंह जग्गा, सपा जिलाध्यक्ष
मेरे परिवार ने सदैव सपा को महत्व दिया लेकिन मुझे पार्टी ने यह सिला दिया। जनता की मांग पर मैं बसपा से मैदान में आया हूं। पिता की राजनीतिक विरासत मेरे साथ है।
डा. शाने अली, बसपा के उम्मीदवार