पीलीभीत। ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद माध्यमिक विद्यालयों में कई अहम बदलाव किए गए हैं। इसमें स्कूलों में ऑनलाइन हाजिरी लगाने की व्यवस्था शुरू की जा रही है। शिक्षकों के साथ विद्यार्थियों को भी इससे जोड़ा जाएगा। विद्यालय में उपस्थिति बढ़ाने और फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने के लिए इसे लागू किया जा रहा है। इस आदेश से शिक्षकों की बेचैनी बढ़ने लगी है।
विद्यालयों में शिक्षकों और छात्र-छात्राओं की नियमित उपस्थिति को लेकर आए दिन शिकायतें मिलती रहती हैं। नामांकन के सापेक्ष बच्चों की उपस्थिति कम होती है तो शिक्षक भी दूरदराज के स्कूलों में नियमित जाने में लापरवाही बरतते हैं। इसका असर पढ़ाई पर पड़ता है। मनमानी पर अंकुश लगाने और नियमित उपस्थिति बढ़ाने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद ने ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था लागू की है। आदेश जारी होने के बाद डीआईओएस राजीव कुमार की ओर से सभी राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त, स्ववित्तपोषित विद्यालयाें को इसका पालन करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक या मोबाइल एप के माध्यम से लॉग इन कर प्रधानाचार्य को पहली कक्षा में ही सबकी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।
इसके लिए प्रत्येक विद्यालय और कक्षा की अलग आईडी बनाई जानी है। इसमें कक्षा के प्रत्येक छात्र-छात्रा का विवरण दर्ज होगा। अगर किन्हीं कारणों से विद्यार्थी और शिक्षक किसी दिन विद्यालय नहीं पहुंचते तो पोर्टल में उनकी अनुपस्थिति का कारण भी दर्ज करना होगा। उपस्थिति दर्ज करने की यह व्यवस्था विद्यालय परिसर से ही होगी।
नेटवर्क विहीन इलाकों में होगी चुनौती
ऑनलाइन उपस्थिति की राह में सबसे बड़ी चुनौती मोबाइल नेटवर्क की है। जिले के नेपाल सीमा से सटे कई इलाकों में नेटवर्क की समस्या रहती है। ऐसे में इन इलाकों में नियमित और समय से उपस्थिति दर्ज करने को लेकर शिक्षक-प्रधानाचार्य चिंतित हैं।
वर्जन
माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट और मोबाइल एप की मदद से सभी माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों व छात्र-छात्राओं की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की जाएगी। आदेश प्राप्त होने के बाद जिले में पत्र जारी कर सभी प्रधानाचार्यों को इससे अवगत करा दिया गया है। इसकी निगरानी भी की जाएगी। - राजीव कुमार, डीआईओएस