मृतप्राय हो चुकी गोमती नदी को अब शारदा से नया जीवन मिलेगा।
बृहस्पतिवार को माधोटांडा क्षेत्र में गोमती के उद्गम स्थल का निरीक्षण
करने पहुंचे प्रदेश के लोक निर्माण व सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने यह
घोषणा की।
उन्होंने कहा कि गोमती नदी की जमीन पर हुए अवैध कब्जों को हटाकर
उसमें शारदा डैम से पांच सौ क्यूसेक पानी डाला जाएगा, ताकि उसकी अविरल
धारा लखनऊ तक पहुंच सके। गोमती के निरीक्षण के बाद उन्होंने नौगवां
ओवरब्रिज और भंगा मोहम्मदगंज से माधौपुर भिखारीपुर एनएच 74 के शिलापट का
अनावरण भी किया।
लोक निर्माण मंत्री शिवपाल ने कहा कि यूपी में लखनऊ
और सुल्तानपुर होते हुए गोमती गाजीपुर में गंगा नदी में मिलती है। गोमती को
लखनऊ में स्वच्छ बनाने का काम तेजी से चल रहा है।
इसमें गिरने वाले 37
नालों को बंद करा दिया गया है। उन्होंने उद्गम स्थल की सफाई और गहराई पर
जोर दिया। कहा कि नदी की भूमि की पैमाइश कराकर अवैध कब्जे हटाए जाएंगे।
बता
दें कि जिले में गोमती नदी की लंबाई 47 किमी है, जो 23 गांवों से होकर
गुजरती है। पत्रकारों से बातचीत में शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि बाइफरकेशन
के नजदीक लोहिया पार्क और हेलीपैड भी बनाया जाएगा।
शारदा सागर डैम की
स्थिति सुधारने के लिए स्टीमेट बनाकर भेजने को कहा गया है। गोमती नदी में
शारदा डैम के किस प्वाइंट से पानी छोड़ा जाएगा, इस बारे में कार्य योजना
बनाई जाएगी।
विकास कार्यों में विलंब के लिए केंद्र जिम्मेदार
पूरनपुर/माधोटांडा। गोमती उद्गम स्थल के निरीक्षण के बाद मंत्री शिवपाल यादव ने नौगवां ओवरब्रिज और भंगा मोहम्मदगंज से माधौपुर भिखारीपुर एनएच 74 के शिलापट का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने विकास कार्यों में आ रही बाधाओं के लिए भाजपा और बसपा को जिम्मेदार ठहराया।
अनावरण के बाद जनता को को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ओवरब्रिज निर्माण को केंद्र सरकार को भी आधी धनराशि देनी थी। केंद्र से धनराशि न मिलने पर प्रदेश से धनराशि लगाई जा रही है।
ओवरब्रिज का निर्माण एक साल में पूरा कर लिया जाएगा। मंत्री ने मौजूद अफसरों को शुक्रवार से ही कार्य शुरू करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि ओवरब्रिज का निर्माण शीघ्र हो, इसके लिए सेतु निगम को कार्य सौंपा गया है। अगर रेलवे विभाग की ओर से कोई दिक्कत आए तो इसकी जानकारी दें।
रेलवे के उच्च अफसरों से बात कर ली जाएगी। इसी तरह धीमी धान खरीद व्यवस्था के लिए उन्होंने केंद्र सरकार को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि चीनी मिलें शीघ्र पेराई कार्य शुरू करेंगी।
पीलीभीत-माधोटांडा मार्ग पिछले पांच सालों से जर्जर अवस्था में है। इसकी मरम्मत के लिए कई बार यहां आंदोलन भी हो चुके हैं। इसके बाद भी इसकी दशा नहीं सुधरी है। यही वजह रही कि इस खराब मार्ग से कबीना मंत्री को न लाकर जंगल मार्ग से लाया गया।
उनके यहां पहुंचने पर पत्रकारों ने उनसे खराब मार्ग के होने की जानकारी देते हुए उनसे यह जानना चाहा कि क्या इसका निर्माण कराने वाली कार्यदायी संस्था अथवा जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई व जांच होगी? इसका सही जवाब शिवपाल सिंह यादव नहीं दे सके।
उनके पास खड़े स्वतंत्र राज्यमंत्री के मुंह से इतना निकलते कि यह मार्ग छह साल पहले प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत बसपा सरकार में बना था। इस पर उन्होंने कहा कि यह मोदी और मायावती से पूछें।
इससे पहले कैबिनेट मंत्री विद्या निकेतन स्कूल में बने हेलीपैड पर उतरते ही राज्यमंत्री हाजी रियाज अहमद, खाद्य एवं रसद राज्य मंत्री हेमराज वर्मा, विधायक पीतमराम, जिलाध्यक्ष आनंद सिंह यादव व नरेंद्र मिश्रा कट्टर ने उनका स्वागत किया।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री डॉ. विनोद तिवारी, पूर्व विधायक गोपाल कृष्ण सक्सेना, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष उमाशंकर यादव, हाजी रियाजतनूर खां मझले, मुन्ने मियां अंजाना, तौफीक खां, अवधेश शर्मा, मास्टर गुरदयाल सिंह, मोहम्मद मियां, महेश आजाद, आकिल खां अजीजी, जरनैल सिंह जैली, शकील अहमद सिद्दीकी, नोमान अली वारसी के अलावा एडीएम, एएसपी, एसडीएम, सीओ आदि मौजूद रहे।