हरदोई ब्रांच में पानी क्षमता बढ़ाने की कवायद तेजी से शुरू की गई है। ब्रांच में नौ करोड़ की लागत से सिल्ट सफाई का कार्य तो शुरू हो चुका है, वहीं अब उसके डाउन स्ट्रीम में छह करोड़ की लागत से बोल्डर पिचिंग की मरम्मत और पक्के स्ट्रक्चर के सुरक्षात्मक कार्य की कवायद शुरू की गई है।
प्रदेश की कृषि फसलों की सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण हरदोई शाखा, जो जनपद के बाइफरकेशन से शारदा मुख्य नहर से निकाली गई है, से पौन दर्जन जनपदों की लाखों एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई होती है। इस नहर की क्षमता पहले पांच हजार क्यूसेक थी, लेकिन अब यह क्षमता लगातार घटती जा रही है। पिछले डेढ़ दशक से इस नहर से चार हजार क्यूसेक पानी ही दिया जा रहा है। इसके 21.600 किमी पर शारदा डैम से सबसीडरी हरदोई ब्रांच को डाला गया है, जिससे रायबरेली तक सिंचाई के लिए पानी की भरपाई की जाती है। करीब सप्ताह भर पूर्व सिंचाई विभाग ने नहर में पानी की क्षमता बढ़ाने को नौ करोड़ की लागत से सिल्ट सफाई का कार्य शुरू कराया है। यह कार्य नहर के 21.600 किमी से अपस्ट्रीम में शुरू कराया गया है। अभियंताओं के मुताबिक कार्य हेड तक कराया जाना है। अब सिंचाई विभाग ने नहर के 21.600 किमी से 37 किमी तक बोल्डर पिचिंग की मरम्मत व पक्के स्ट्रक्चर के सुरक्षात्मक कार्यों के लिए छह करोड़ की लागत के टेंडर निकाले हैं। यह कार्य भी नहर के क्लोजर के समय ही पूरा होना है। यदि सबकुछ ठीकठाक रहा तो प्रदेश के किसानों को रवी व खरीफ फसलों के दौरान सिंचाई के लिए पानी की समस्या काफी हद तक दूर हो सकेगी।