गांव बिहारीपुर में
किसान मुरली की बारिश से चौपट हुई फसल को देखकर उसकी जान चली गई। इस तरह के
तमाम किसान और भी हैं जिनकी फसलें चौपट हुईं है लेकिन उन्हें अभी तक
मुआवजे के नाम पर धेला भी नहीं मिला। गांव के लोगों का कहना है कि लेखपाल
ने सर्वे के नाम पर खानापूरी कर ली। गांव निवासी हरि मौर्या ने बताया कि
बृहस्पतिवार को लेखपाल गांव आए थे और एक ही जगह बैठकर सर्वे कर औपचारिकता
निभाकर चले गए।
रामप्रसाद, सुमेर लाल, जैतराम, फूलचन्द्र का कहना है कि
उनके पास करीब आठ-दस बीघा जमीन है उस पर गेहूं की फसल खड़ी थी बारिश के
कारण चौपट हो गई। बच्चों की परवरिश और अगली फसल की बुवाई कैसे होगी। लोगों
का यह भी कहना है कि मुआवजे के नाम पर अभी तक धेला भी नहीं मिला है।
कमोवेश
यही स्थिति बेहटी गांव की भी है यहां किसी किसान को अब तक मुआवजे का चेक
नहीं मिला। कस्बा बमरोली निवासी कीरतराम वर्मा ने बताया कि लेखपाल ने अभी
तक सर्वे नहीं किया है। जिसकी वजह से मुआवजा मिलने की भी उम्मीद दिखाई नहीं
दे रही है।