ओलावृष्टि और बारिश के बाद चकबंदी वाले गांवों में अब भी सर्वे पूरा नहीं हो पाया है। आरोप है कि लेखपालों की कमी के चलते सर्वे कार्य में खानापूरी की गई है। इससे किसानों में रोष है।
तहसील क्षेत्र में 108 लेखपालों के पद सृजित है। इसके सापेक्ष मात्र 56 लेेखपालों की तैनाती है। पांच राजस्व निरीक्षक के सापेक्ष मात्र दो राजस्व निरीक्षकों के ऊपर पूरे तहसील क्षेत्र की जिम्मेदारी है। नायब तहसीलदार के तीन पद सृजित है, लेकिन कोई नायब तहसीलदार तैनात नहीं है। इन दिनों तहसील क्षेत्र के 68 गांवों में चकबंदी चल रही है।
जिनका रिकार्ड चकबंदी विभाग के पास है। ऐसे में चकबंदी वाले कई गांव में नुकसान का सर्वे अभी तक शुरू नहीं किया गया है। आरोप है कि कई गांव का चार्ज होने पर अधिकांश लेखपालों ने बगैर खेतों में जाए ही सर्वे पूरा कर लिया। जिसको लेकर किसानों में रोष है।
जांच कर होगी कार्रवाई
स्टाफ की कमी से समस्या हो रही है। चकबंदी के अफसरों से राजस्व विभाग के लेखपालों के साथ सर्वे कराने के निर्देश दिए गए हैं। कुछ स्थानों पर चकबंदी लेखपालों के न जाने की शिकायतें मिल रही है। जांच कराकर कार्रवाई होगी।
दिग्विजय सिंह, तहसीलदार
धनराशि मिलने पर चेक तैयार करने को जुटे कर्मचारी
पूरनपुर। सहायता को मिली धनराशि बांटने के बाद 62 गांव के 2938 उन किसानों को अब तक चेक नहीं मिल सके हैं जिनका पचास प्रतिशत से अधिक नुकसान हुआ है। तहसीलदार दिग्विजय सिंह ने बताया कि एक करोड़ 36 लाख 75500 रुपये और प्राप्त हुआ है।
इससे पीड़ित किसानों को चेक बंटवाने को चेक तैयार कराए जा रहे है। वितरण के बाद सहायता को बचे किसानों की सूची तैयार कराकर और धनराशि की डिमांड की जाएगी।