शारदा नदी के पार वमनी नदी का रुख मोड़ने को की गई खुदाई को दो माह बाद भी आरोपियों द्वारा नहीं पाटा गया। आरोप है कि आरोपियों ने पुलिस की मिलीभगत के चलते ही नदी के खोदे गए भाग को नहीं पाटा। उधर, अब ग्राम प्रधान समेत बाढ़ पीड़ितों ने क्षेत्रीय विधायक और डीएम को ज्ञापन भेजकर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है।
नेपाल सीमा के पिलर नंबर 28 के निकट से निकली वमनी नदी, जिसकी टेल शारदा में गिरती है, पर करीब दो माह पूर्व कुछ कब्जेदारों ने वन विभाग और राजस्व विभाग की जमीन पर कब्जा करने के उद्देश्य से जेसीबी चलाकर नदी का रुख मोड़ने की कोशिश की थी। जानकारी मिलने पर रमनगरा के प्रधान प्रशांत साना सहित बाढ़ पीड़ितों ने डीएम सहित आला अफसरों को ज्ञापन देकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और खोदे गए भाग को पटवाने की मांग की थी। अफसरों के निर्देश पर कानूनगो ब्रजेंद्र राना, लेखपाल पूरन सिंह व रमनगरा चौकी के पुलिसकर्मी कुछ मनरेगा मजदूरों को लेकर मौके पर गए थे और कुछ भाग को पाटने की कोशिश भी की थी। उस दौरान पुलिस ने कब्जा कर रहे एक अतिक्रमणकारी के ट्रैक्टर समेत दो लोगों को हिरासत में लिया था। पकड़े गए लोगों ने इस मामले में नेपाल के प्रमुख तस्कर के शामिल होने की बात बताई थी। बताते हैं कि तस्कर ही क्षेत्र के कुछ लोगों को साथ लेकर रमनगरा आया और राजस्वकर्मियों व पुलिस से सौदेबाजी कर एक पखवाड़े में खोदे गए भाग को पटवाने का आश्वासन दिया और अपना ट्रैक्टर भी छुड़वा ले गया था। उधर, दो माह बीतने के बाद भी नदी के खोदे गए भाग को नहीं पाटा गया। उसके बाद बाढ़ पीड़ितों ने विधायक पीतमराम से शिकायत करते हुए कहा कि यदि नदी के खोदे गए भाग को नहीं पाटा गया तो सभी फिर से बर्बाद हो जाएंगे। इस पर विधायक ने एसडीएम को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। विधायक के दखल के बाद भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। उधर, ग्राम प्रधान प्रशांत साना, भूदेवदास, सुबल दास, बबलू सहित बाढ़ पीड़ितों ने विधायक और डीएम को ज्ञापन भेजकर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।