बिलसंडा। कूड़ा डंप करने और निस्तारित करने की प्रक्रिया में एमआरएफ (मेटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर बनना था पर अभी तक नहीं बन सका। इसके चलते सड़क किनारे गड्ढों में कूड़ा फेंका जा रहा है। तालाब के समीप भी कूड़ा डाला जा रहा है। जल स्रोत को खराब होने का खतरा है।
कूड़ा के निस्तारण के लिए नगर पंचायत गांव रुरिया घुरिया के पास खाली पड़ी जमीन पर लगभग 35 लाख से अधिक रुपये की लागत से एमआरएफ सेंटर बना रही है लेकिन अभी तक कार्य पूरा नहीं हो सका है। नगर पंचायत का कूड़ा बदस्तूर सड़क किनारे गड्ढे में या तालाब के किनारे डालकर प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन पर पलीता लगाया जा रहा है। वहीं नगर पंचायत अधिशासी अधिकारी संतोष चतुर्वेदी ने बताया कि ठेकेदार को नोटिस जारी कर दिया गया है जल्द ही मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर चालू हो जाएगा।
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कूड़े की डंपिंग को लेकर हम लोगों ने कई बार नगर पंचायत में अस्थायी डंपिंग यार्ड बनाने का सुझाव दिया लेकिन नगर पंचायत द्वारा अभी तक उसे पूरा नहीं किया है।
-विमला वर्मा सभासद वार्ड नंबर छह
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सभासदों के द्वारा कई बार प्रस्ताव किए जाने के बाद भी एमआरएफ सेंटर में देरी किया जाना नगर पंचायत की लापरवाही दर्शाता है। बाल्मीकि बस्ती से श्मशान की ओर जाने वाले मार्ग पर एक किलोमीटर क्षेत्र में गंदगी पड़ी रहती है। - डीके गुप्ता, अध्यक्ष व्यापार मंडल फोटो
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अस्थायी डंपिंग यार्ड को बनाने का प्रस्ताव कई बार किया गया परंतु नगर पंचायत ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। नगर पंचायत की इस अनदेखी के चलते नगर के बीचो-बीच शाखा मैदान मे गंदगी का अंबार लगा रहता है।।
शालिनी जायसवाल- सभासद वार्ड नंबर पांच
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नगर पंचायत कर्मचारी बमरोली रोड तालाब के न किनारे कूड़े को डाल रहे हैं जिससे कई संक्रामक रोग फैलने की आशंका बनी हुई है।
विकेश जायसवाल, खाद व्यापारी