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Pilibhit News: पंजीकरण एक भी नहीं, फिर भी रात में दौड़ रहीं स्लीपर बसें

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शहर के असम चौराहे पर फ्लाईओवर के नीचे खड़ी बसें। संवाद
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पीलीभीत। जिले में परिवहन विभाग के अभिलेखों में एक भी स्लीपर बस पंजीकृत नहीं है, इसके बावजूद रात होते ही हाईवे और प्रमुख मार्गों पर ऐसी बसें दौड़ती दिखाई दे रही हैं।
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यात्रियों से भरी इन बसों का संचालन किस अनुमति के आधार पर हो रहा है, यह सवाल खड़ा हो रहा है। विभाग की ओर से समय-समय पर कार्रवाई किए जाने के बावजूद रात के समय इनका संचालन पूरी तरह बंद नहीं हो पा रहा है। ऐसे में नियमों की अनदेखी के साथ यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
स्लीपर बसों में यात्रियों के बैठने के बजाय लेटकर सफर करने की व्यवस्था होती है। लंबी दूरी की यात्रा के लिए बड़ी संख्या में लोग इनका सहारा लेते हैं। जिले में ऐसी किसी बस का पंजीकरण न होने के बावजूद इनका आवागमन लगातार सामने आना परिवहन व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े करता है।
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खासकर रात के समय तेज रफ्तार में लंबी दूरी तय करने वाली इन गाड़ियों से हादसे का खतरा बढ़ जाता है। दुर्घटना की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा और आपात व्यवस्था भी चुनौती बन सकती है।
इन स्थानों पर टिकट काउंटर संचालित होने का दावा : स्लीपर बसों के लिए शहर के असम चौराहा, पौटा कलां, बरखेड़ा, बीसलपुर, जहानाबाद, अमरिया और पूरनपुर समेत कई स्थानों पर टिकट काउंटर संचालित होने की बात सामने आई है। यहां यात्रियों की बुकिंग किए जाने का दावा है। टिकट की बिक्री करने वाले लोगों को प्रत्येक बुकिंग पर कमीशन मिलने की भी जानकारी सामने आई है।
इन काउंटरों से टिकट बुक होने के बाद यात्री निर्धारित स्थान से बस में सवार होते हैं। परिवहन विभाग का कहना है कि स्लीपर बसों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। विभागीय आंकड़े भी बीते चार माह में ऐसी गाड़ियों पर कार्रवाई किए जाने की पुष्टि करते हैं। इसके बावजूद सवाल यह है कि जब जिले में एक भी स्लीपर बस पंजीकृत नहीं है तो ये वाहन विभिन्न मार्गों पर यात्रियों को लेकर कैसे पहुंच रहे हैं।

एआरटीओ सुशील मिश्रा ने बताया कि स्लीपर बसों का संचालन न हो, इसके लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। विभिन्न स्थानों पर खुले टिकट कार्यालयों के खिलाफ कार्रवाई करना परिवहन नियमों के दायरे में नहीं आता। सड़क पर स्लीपर बस मिलने पर विभाग की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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