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Pilibhit News: शारीरिक शोषण के आरोपी सिपाही का गैर जमानती वारंट

Sun, 19 Jul 2026 11:56 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
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पीलीभीत। शादी का झांसा देकर महिला का आठ साल तक शारीरिक शोषण करने और 10 लाख रुपये दहेज मांगने के आरोपी सिपाही मनदीप सिंह का मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मंगल देव सिंह ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर अपेक्षा की गई है कि आरोपी सिपाही को 30 जुलाई या इससे पूर्व गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करें।
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थाना सुनगढ़ी में 25 अक्तूबर 2025 को जनपद अमरोहा के ग्राम फतेह उल्लापुर थाना मंडी धनौरा निवासी मनदीप सिंह पुत्र ऋषिपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। रिपोर्ट के अनुसार पीलीभीत जनपद में डायल 112 में तैनात सिपाही मनदीप सिंह ने महिला से शादी का झांसा देकर बीते आठ वर्ष से शारीरिक संबंध बनाए। गर्भवती होने पर उसका गर्भपात करा दिया।
शादी करने की बात कहकर उसने महिला को कोई कार्रवाई नहीं करने दी। बाद में दहेज में 10 लाख रुपये की मांग करते हुए कहा कि रुपये मिलने पर ही वह शादी करेगा। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद सिपाही उच्च न्यायालय की शरण में चला गया और विवेचना तक उसकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई।
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आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल होने के बाद आरोपी सिपाही पुनः उच्च न्यायालय गया। 15 मई 2026 को उच्च न्यायालय ने सिपाही को 45 दिन का अवसर प्रदान करते हुए न्यायालय में हाजिर होकर प्रार्थनापत्र देने का आदेश दिया। आरोपी निर्धारित अवधि में न्यायालय में हाजिर नहीं हुआ। मनदीप सिंह ने अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की। आधार पर्याप्त न होने के कारण अपर सत्र न्यायाधीश के न्यायालय ने अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। सिपाही ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश रविंद्र कुमार के न्यायालय में उनमोचन प्रार्थनापत्र दाखिल किया। बाद में पहली जुलाई 2026 को प्रार्थनापत्र नॉट प्रेस कर दिया। इस कारण प्रार्थनापत्र बल न देने के कारण निरस्त हो गया।

आरोपी के न्यायालय में हाजिर न होने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मंगल देव सिंह ने कड़ा रुख अपनाया। न्यायालय ने आरोपी मनदीप सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। पुलिस अधीक्षक को पत्र भेज कर अपेक्षा की गई है कि 30 जुलाई या इससे पहले आरोपी सिपाही को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने हेतु आवश्यक कार्रवाई करें।
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