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Pilibhit News: रजाई न गद्दा, किसान विश्रामालय में अव्यवस्थाओं का अड्डा

Mon, 06 Jan 2025 12:54 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
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पीलीभीत की एलएच चीनी मिल के केन यार्ड के किसान विश्रामालय में पड़े तखत पर नहीं दिखा गद्दा, चादर
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पीलीभीत। फसल बोने के बाद उसे प्राकृतिक आपदाओं और छुट्टा पशुओं से बचाने के बाद उसे चीनी मिल पहुंचाने और फिर भुगतान का इंतजार करना संकट से कम नहीं है। इन दिनों किसान गन्ने की फसल को चीनी मिल तक पहुंचाने के लिए संघर्षरत है। कड़ाके की ठंड में मुसीबतों का सामना करते हुए किसान गन्ना चीनी मिल तक लेकर आ रहे हैं। किसानों का दर्द जानने के लिए शनिवार रात जब एलएच चीनी मिल के बाहर पड़ताल की गई तो कई किसान ठंड में ठिठुरते दिखे।
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किसान विश्रामालय में डाले गए तख्त सूने हैं। इन पर गद्दे तक नहीं डाले गए हैं। ओढ़ने के लिए किसान खुद ही रजाई और कंबल लेकर आ रहे हैं। अलाव की भी कोई व्यवस्था नहीं है। यहां किसान गन्ने की सूखी खोई व कूड़े में आग लगाकर ठंड से छुटकारा पा रहे हैं। जिला गन्ना अधिकारी और चीनी मिलों के जिम्मेदारों के केनयार्ड और गन्ना क्रय केंद्रों पर किसानों को सर्दी से बचाव के पर्याप्त इंतजाम कराए जाने का दावा खोखला है।
शनिवार की रात नौ बजे एलएच चीनी मिल के लिए जाने वाली सड़क पर गन्ना भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लाइन लगी थी। किसान ट्रैक्टर की सीट पर बैठकर सर्दी से कांप रहे थे। करीब पांच सौ मीटर तक लगी लाइन के बाद केनयार्ड में भी ट्रैक्टर-ट्रालियाें की कतार थी। केन यार्ड में किसानों को सर्दी से बचाव के नाम पर गेट के पास गन्ने की खोई सुलगती दिखी।
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यहां से आगे बढ़ने पर किसान विश्रामालय में तख्त तो पड़े थे, लेकिन गद्दे पर्याप्त नहीं थे। किसान घर से लाए कंबल को ओढ़कर सर्दी से बचने का प्रयास कर रहे थे।
नहीं होती साफ-सफाई
विश्रामालय में मिले किसान बालकराम ने बताया कि विश्रामालय में साफ-सफाई नहीं की जाती। किसान जैसे-तैसे समय गुजारते हैं। मुनासिर ने बताया कि यहां सिर्फ बैठने की ही व्यवस्था है। कंबल तो साथ ही लाना पड़ रहा है। नियमित सफाई नहीं होती है।
तौल में लग रहे पांच से छह घंटे
विश्रामालय के बाहर सुलग रही गन्ने की खोई के पास बैठे कुंदनलाल ने बताया कि क्या करें सर्दी से बचाव तो करना ही है। मिल आए करीब एक घंटा हो गया है, तौल में पांच से छह घंटे का समय लगेगा। बाहर ट्रैक्टर की सीट पर बैठे उपेंद्र ने बताया कि लाइन में इंतजार करते हुए करीब एक घंटा हो गया है।
किसान मना करते हैं इसलिए नहीं डलवाए गद्दे
एलएच चीनी मिल के कारखाना प्रबंधक/जीएम एचआर आशीष गुप्ता ने तख्त पर गद्दे न होने का अलग ही तर्क दिया। उनका कहना है कि किसान इन्कार करते हैं, इस वजह गद्दे नहीं रखते। कंबल तो किसान ही लाते हैं। विश्रामालय में व्यवस्थाओं को दिखवाया जाएगा।
वर्जन
गन्ना क्रय केंद्रों और मिलों के केनयार्ड में किसानों के लिए अलाव और अन्य व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए गए हैं। केन यार्ड और केंद्रों पर अव्यवस्थाओं की गन्ना अधिकारी से जांच कराई जाएगी। - संजय कुमार सिंह, डीएम


फोटो: 15
क्रय केंद्रों पर भी अलाव की व्यवस्था नहीं
घुंघचाई। गन्ना खरीद केंद्रों पर भी अव्यवस्थाएं हावी हैं। केंद्रों पर अलाव की व्यवस्था नहीं है। घुंघचाई क्षेत्र में पूरनपुर, पीलीभीत, मकसूदापुर चीनी मिलों के गन्ना क्रय केंद्र हैं। इन क्रय केंद्रों पर कई अव्यवस्थाएं हैं। कहीं तौल तो कहीं गन्ना क्रय केंद्र से गन्ने की उठान की व्यवस्था धीमी है। कड़ाके की ठंड में भी क्रय केंद्रों पर किसानों के लिए अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। दिलावरपुर, कैशोपुर, कालावोझ, कनपारा, बलरामपुर सहित अन्य गन्ना क्रय केंद्रों पर धीमी उठान के चलते किसानों को इंतजार करना पड़ता है। संवाद

पीलीभीत की एलएच चीनी मिल के केन यार्ड के किसान विश्रामालय में पड़े तखत पर नहीं दिखा गद्दा, चादर

पीलीभीत की एलएच चीनी मिल के केन यार्ड के किसान विश्रामालय में पड़े तखत पर नहीं दिखा गद्दा, चादर

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