नेपाल विपक्षी दलों के नेताओं ने पिछले कुछ वर्षों में नेपाली नागरिकों के साथ अंतरराष्ट्रीय पिलर 20 और 21 के बीच भारत विरोधी नारेबाजी कर उसे अपनी जमीन बताते हुए काला पानी तक कूच किया था।
यह मामला उस दौरान खासा सुर्खियों में रहा था। अब फिर सीमा विवाद की सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है। मगर, स्थानीय स्तर पर अफसर इस मामले में टिप्पणी करने से बच रहे हैं।
जिलाधिकारी चंपावत एवं नोडल अधिकारी (नोमेंस लैंड), सुरेंद्र नारायण पांडेय ने कहा कि नेपाल सीमा के मामले सुलझाने के लिए जनवरी में बैठक हुई थी। इसमें चार जनपद चंपावत, ऊधमसिंह नगर, पीलीभीत और लखीमपुर खीरी के अफसर शामिल हुए थे। उसके बाद लॉकडाउन लग गया। अब नेपाल सीमा पर कहीं विवाद है तो संबंधित जनपद के प्रशासनिक अफसर ही उस पर निर्णय लेंगे।