पीलीभीत। उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देकर जंगल से सटे इलाके में पक्के निर्माण पर रोक लगाने से होम स्टे बनाने वाले चिंतित हैं। बृहस्पतिवार देर रात डीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभाग और होम स्टे बनाने वालों ने अपना पक्ष रखा। निर्माण कराने वालों ने कोर्ट के एक आदेश का हवाला देकर कार्य रुकवाने को गलत ठहराया। वहींए वन अफसर अपना तर्क देते रहे। बैठक में कोई निष्कर्ष नहीं निकला।
पिछले दिनों पीटीआर के डीएफओ मनीष सिंह की ओर से डीएम को पत्र लिखा गया था। इसमें वर्ष 2022 के उच्च न्यायालय के आदेश के हवाला देकर इको सेंसेटिव जोन में पक्के निर्माण पर रोक लगाने की बात कही थी। पक्के निर्माण पर रोक लगाने के लिए पुलिस- प्रशासन का सहयोग मांगा था। उच्च अधिकारियों के निर्देश के बाद माधोटांडा पुलिस ने जंगल से सटे इलाके में होम स्टे आदि का निर्माण करा रहे करीब आठ लोगों को नोटिस जारी कर निर्माण रुकवाने को कहा था।
इसको लेकर बृहस्पतिवार देर शाम गांधी सभागार में डीएम संजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। बैठक में एडीएम एफआर ऋतु पूनिया, डीएफओ मनीष सिंह के अलावा होम स्टे बनाने वालों के अलावा जंगल से सटे इलाके में घर आदि बनाने की तैयारी कर रहे लोग शामिल हुए।
लोगों ने उच्च न्यायालय के वर्ष 2023 के एक आदेश का हवाला देकर निर्माण कार्य रुकवाने को गलत ठहराया। पुलिस द्वारा जारी नोटिस पर भी डीएम से आपत्ति जताई। डीएफओ की ओर से वन्यजीवों की चहलकदमी का हवाला देते हुए निर्माण पर रोक की बात कही।