चूका बीच में बनीं खूबसूरत हटें। संवाद
पीलीभीत। चूका बीच क्षेत्र में बाघों की बढ़ी गतिविधियों के कारण अस्थायी रूप से बंद किया गया रात्रि विश्राम अब दोबारा शुरू कर दिया गया है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व प्रशासन की समीक्षा के बाद वन निगम ने हटों की बुकिंग और पर्यटकों के रात्रि ठहराव पर लगी रोक हटा दी है। हालांकि, वन विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत रखते हुए बाघों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के प्रमुख पर्यटन स्थल चूका बीच में पिछले दिनों लगातार दो बाघों की सक्रियता देखे जाने के बाद पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रात्रि विश्राम और हटों की बुकिंग पर रोक लगा दी गई थी। बाघों की चहलकदमी बीच परिसर और हटों के आसपास तक देखी गई थी।
स्थिति को देखते हुए पीटीआर प्रशासन और वन निगम ने संयुक्त रूप से सुरक्षा इंतजाम बढ़ाते हुए हाथियों के जरिए गश्त कराई गई थी।
वन कर्मियों की टीमों ने भी कई दिनों तक बाघों की गतिविधियों पर नजर रखी। अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में बाघों की गतिविधियां पर्यटक क्षेत्र से दूर सामान्य वन क्षेत्र में केंद्रित हैं। सुरक्षा आकलन के बाद वन निगम की ओर से रात्रि विश्राम और हटों की बुकिंग दोबारा शुरू करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
इसके साथ ही पर्यटकों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करने की सलाह भी दी गई है। पीटीआर प्रशासन का कहना है कि पर्यटन सत्र के अंतिम दिनों में चूका बीच आने वाले पर्यटकों को पहले की तरह सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। हालांकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए वन विभाग की टीमें अलर्ट मोड पर रहेंगी और बाघों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी।
डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि चूका बीच क्षेत्र की स्थिति की समीक्षा के बाद रात्रि विश्राम और हटों की बुकिंग दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया गया है। पर्यटकों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और क्षेत्र में निगरानी लगातार जारी रहेगी। इसी के चलते यह नया आदेश जारी किया गया, इससे पर्यटकों को राहत मिलेगी।