पीलीभीत। नकली नोट के धंधे के तार तराई के न्यूरिया और जहानाबाद इलाके से जुड़ने पर छानबीन करने आई एनआईए टीम तीन दिन पड़ताल करने के बाद लौट गई। टीम जेल में बंद आरोपी के घर से जुटाए अभिलेख भी साथ ले गई। अभी उसके दोबारा आने की भी संभावना जताई जा रही है।
सितंबर 2019 में न्यूरिया का एक युवक नकली नोट की तस्करी करते पश्चिम बंगाल में पकड़ा गया था। उससे पूछताछ करने के बाद नेपाल बॉर्डर से सटे तराई के जनपद पीलीभीत से नकली नोट के तार जुड़ गए थे। पांच फरवरी को एनआईए (लखनऊ) की टीम यहां पहुंची थी। उसने न्यूरिया में कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जहानाबाद में एक अजय नाम के युवक की तलाश की, मगर उसे ट्रेस नहीं किया जा सका। पश्चिम बंगाल की जेल में बंद आरोपी के घर से जुटाए गए लेनदेन से जुड़े अभिलेख भी टीम ने देखे। अब उन्हें साथ लेकर शुक्रवार रात को वापस चली गई। वह अपनी रिपोर्ट आला अधिकारियों को सौंपेगी। इधर, टीम के जाने के बाद भी अधिकारी जानकारी देने से बचते रहे। एसपी अभिषेक दीक्षित ने बताया कि एनआईए टीम के आने की वजह का तो पता नहीं रहा। मगर उसको पूरा सहयोग किया गया। अब टीम वापस चली गई है।