जिले भर में शुक्रवार से छठ पर्व विधि विधान से शुरू हो गया। लोगों ने घरों में नहाय खाय रस्म के तहत भोजन बनाया और पूजा पाठ की तैयारियों को अंतिम रूप दिया। इधर बरहा रेलवे क्रासिंग स्थित जलाशय पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।
भगवान सूर्यदेव के प्रति भक्तों की अटल आस्था का अनूठा पर्व छठ पूजा पूर्वाचंल एवं बिहार के लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है। जिले में खासकर रेलवे विभाग में पूर्वांचल के कर्मचारियों की संख्या अधिक होने के चलते रेलवे कॉलोनी में यह पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। करीब 150 से अधिक परिवार इस पर्व में हिस्सा लेते हैं। इधर शुक्रवार को श्रद्धालुओं ने नहाय खाय के तहत घरों में साफ सफाई के बाद अरवा चावल, चने की दाल व गंगाफल की सब्जी बनाई। पूर्वांचल के लोग इसे कदुआ भात भी कहते हैं। घरों में देर शाम तक पूजा पाठ की तैयारियां चलती रही। इधर पर्व को लेकर रेलवे कॉलोनी में उत्सव जैसा माहौल रहा। घरों में रंगबिरंगी लाइटों से सजावट भी की गई। उमेश कांती व रोहित शर्मा ने बताया कि पूजास्थल (जलाशय) की तैयारियां अंतिम दौर में है। पांच नवंबर को खरना होगा। छठ महापर्व करने वाले व्रती उपवास रखेंगे। शाम को साठा चावल व गुड़ की खीर बनाई जाएगी। हवन कर छठी मइया की आराधना की जाएगी।