सीएमओ ने दो सदस्यीय जांच टीम की गठित
सीएमओ डॉ. आलोक कुमार शर्मा ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए डॉ. ज्ञान के नेतृत्व में दो सदस्यीय टीम गठित की गई। टीम मंगलवार को सीएचसी जाकर जांच करेगी। विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
सुर्खियों में रहा है बरखेड़ा सीएचसी
बरखेड़ा सीएचसी में स्वास्थ्य कर्मियों की मनमानी और इलाज में हीलाहवाली का यह पहला मामला नहीं है। मरीजों को बाहर की दवा पर्ची, कड़ाके की सर्दी में गर्भवती को करीब आठ घंटे तक फर्श पर लिटाना, मेडिकल स्टोर पर सरकारी दवा मिलने आदि के मामलों ने भी बेहतर इलाज के दावों पर सवाल खड़े किए हैं।
ऑक्सीजन लगाते ही बिजली गुल हो जाने और जनरेटर न चलाने से नवजात की मौत के आरोप ने बरखेड़ा सीएचसी की स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल दी है। परिजनों के अनुसार, स्वास्थ्यकर्मियों ने नवजात के इलाज में तो लापरवाही की ही। रेफर करने में भी मनमानी दिखाई। परिजनों से ही सफाई और अन्य काम कराए गए। नवजात की मौत से भड़के परिजन करीब नौ घंटे तक उसका शव सीएचसी में ही रखे रहे। अस्पताल में अफरातफरी का माहौल रहा।