हाथियों द्वारा रौंदी गई किसानों की फसल। संवाद
कई दिनों से किसान परेशान, वन विभाग के पास नहीं है कोई ठोस इंतजाम
कलीनगर। थाना क्षेत्र के अंतर्गत शारदा नदी के पार नेपाली हाथियों का उत्पात जारी है। रविवार रात करीब 35 हाथियों का झुंड मायापुरी घाट के पास पहुंच गया, जहां किसानों की पांच एकड़ गन्ना और गेहूं की फसलों को नुकसान पहुंचाया। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
बराही रेंज का जंगल नेपाल सीमा से सटा होने के कारण यहां दशकों से नेपाली हाथियों की आवाजाही बनी रहती है। पिछले कई महीनों से हाथियों का झुंड लग्गा-भग्गा समेत आसपास के इलाकों में लगातार घूम रहा है और किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। रविवार देर रात मायापुरी घाट के निकट करीब 35 हाथियों का झुंड पहुंचा। हाथियों ने चार किसानों की करीब पांच एकड़ गन्ना और गेहूं की फसल को पूरी तरह रौंद डाला। इससे पहले भी हाथियों ने लग्गा भग्गा चौकी में तोड़फोड़ की थी। वहीं, ढकिया ताल्लुके महाराजपुर गांव की सीमा में कई किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ एक किसान की झोंपड़ी भी नष्ट कर दी थी।
लगातार हो रहे नुकसान से किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। रात के समय खेतों की रखवाली करना भी ग्रामीणों के लिए खतरे से खाली नहीं है। बराही रेंजर अरुण मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि हाथियों की लगातार गतिविधियों को देखते हुए क्षेत्रीय टीम को अलर्ट पर रखा गया है। वन विभाग की टीमें मौके पर निगरानी कर रही हैं और ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है। संवाद