खेत में बने हाथियों के पगचिह्न। संवाद
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पीलीभीत। हरीपुर रेंज की सीमा में चहलकदमी करने के बाद रविवार रात नेपाली हाथियों ने बराही रेंज के जंगल में दस्तक दी है। पचपेड़ा क्षेत्र में ग्रामीणों की आलू और सोयाबीन की फसलें रौंदते हुए हाथी फैजुल्लागंज की ओर बढ़ गए। हाथियों के आतंक से वनकर्मियों के साथ ग्रामीण परेशान हैं। वनकर्मी भी परेशान हैं। पगचिह्न ट्रेस किए गए हैं। हाथियों की संख्या तीन बताई जा रही है।
पिछले कई माह से नेपाल की ओर से आए नेपाली हाथियों ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व और उससे सटी सीमा के जंगल में दस्तक दे रखी है। पूर्व में हाथियों का झुंड एक माह तक बराही, महोफ और माला रेंज की सीमा में डेरा जमाए रहा था। लंबे समय तक रुकने के बाद स्वयं ही हाथी हरीपुर रेंज की ओर से दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगल में निकल गए थे। इधर, रविवार को एक बार फिर हाथी हरीपुर रेंज की ओर पहुंचे। किसानों की फसलों को भी उजाड़ा। रात होते ही वहां से आगे बढ़कर हाथी बराही रेंज के जंगल की ओर पहुंच गए।
यहां जंगल से सटे पचपेड़ा ताल्लुके महाराजपुर गांव निवासी प्रधान गुरुदयाल सिंह के खेत में लगी आलू और सोयाबीन की फसल को हाथियों ने रौंद दिया। इसके बाद फैजुल्लागंज बीट के जंगल में घुस गए। जानकारी लगते ही रेंज के वनकर्मी सतर्क हुए। पगचिह्न ट्रेस कर निगरानी बढ़ा दी है। बराही रेंजर बजीर हसन ने बताया कि तीन हाथियों ने दस्तक दी है। जानकारी लगते ही निगरानी बढ़ा दी गई है।