पीलीभीत। ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए प्रत्येक रविवार जनारोग्य मेला और आयुष्मान भव का आयोजन किया जाता है। शासन की इस मंशा को यहां पर जिम्मेदार पूरा नहीं कर पा रहे हैं। रविवार को जब पड़ताल की गई तो ग्रामीण इलाकों के अधिकतर स्वास्थ्य केंद्रों पर न तो डॉक्टर मिले न तो लैब टेक्नीशियन। मरीजों को इधर से उधर भटकना पड़ा।
हालांकि, शहरी क्षेत्र में चिकित्सक मरीजों का इंतजार करते दिखे। यही नहीं जब जमुनिया में डीएम संजय कुमार सिंह ने निरीक्षण किया तो चिकित्सक ही गायब थे। स्टॉफ मौजूद था। ऐसे में ग्रामीण आयुष्मान कैसे हो सकेंगे जाना जा सकता है। सबसे खराब स्थिति बीसलपुर क्षेत्र में रही। यहां पर अव्यवस्थाएं ही हावी रही।
डीएम को जमुनिया पीएचसी पर नहीं मिले डॉक्टर
डीएम संजय कुमार सिंह अचानक जमुनिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए। यहां पर देखा तो चिकित्सक गायब थे और अन्य स्टॉफ मौजूद था। निरीक्षण के दौरान साफ सफाई ठीक न होने पर नाराजगी जताई। डीएम ने दवा की उपलब्धता को लेकर भी जानकारी ली। सीएमओ को पर्याप्त दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही गायब मिले चिकित्सक का एक दिन का वेतन काटने के आदेश दिए।
बिना दवा लिए मायूस होकर लौट गए मरीज
बीसलपुर। नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सुबह 11 बजे व्यवस्थाओं का जायजा लिया तो पता चला कि वहां महिला डॉक्टर, नेत्र परीक्षण अधिकारी और लैब टेक्नीशियन नहीं थे। लैब टेक्नीशियन का काम फार्मासिस्ट अमित सिंह कर रहे थे। महिला डॉक्टर न होने से कुछ महिलाएं बिना दवा लिए ही मायूस होकर लौट गई। मेले में डॉक्टर आशीष अग्रवाल ने 52 मरीजों का परीक्षण किया। दोपहर 12 बजे पीएचसी शिवपुरी नवदिया में लैब टेक्नीशियन नहीं थे। कुछ मरीज बिना जांच कराए ही लौट गए। दोपहर एक बजे पीएचसी खांडेपुर में कोई भी महिला डॉक्टर और फार्मासिस्ट नहीं थे। दोपहर दो बजे पीएचसी चुर्रासकतपुर में नेत्र परीक्षण अधिकारी नहीं थे। सीएचसी अधीक्षक डॉ. लेखराज गंगवार ने बताया कि वह विभागीय कार्यों की व्यस्तता के कारण किसी भी मेले का निरीक्षण नहीं कर पाए। संवाद
बाेले मरीज- महिला डॉक्टर न थीं इसलिए लौट आए
वह जांच कराने ओैर दवाई लेने नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में गई थी, लेकिन महिला डॉक्टर न होने के कारण वह खाली हाथ वापस आ गई। वह इस बात की शिकायत उच्चाधिकारियों से करेगी। - शालू श्रीवास्तव, मोहल्ला बख्तावरलाल
नहीं हो सकी खून की जांच
वह खून की जांच कराने पीएचसी शिवपुरी नवदिया के मेले में गए थे। वहां जांच की कोई व्यवस्था न होने से उन्हें हताश होकर लौटना पड़ा। वह इसकी शिकायती सोमवार सीएमओ से करेंगे। - महंत अवनीश रतनदास, गांव चठिया सेवाराम।
संयुक्त स्वास्थ्य निदेशक से करेंगे शिकायत
वह बीमार पत्नी को दिखाने पीएचसी खांडेपुर गए थे। महिला डॅक्टर न होने से उन्हें लौटना पड़ा। वह सोमवार को इस मामले की शिकायत बरेली के संयुक्त स्वास्थ्य निदेशक से करेगें। - नरेंद्रपाल सिंह, गांव खांडेपुर।
75 मरीजों का किया गया उपचार
न्यूरिया। सीएचसी न्यूरिया में आयुष्मान भव कार्यक्रम के तहत चिकित्सकों ने 75 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षक किया। जांच और दवाएं वितरित कीं। दवा लेने पहुंचे मरीजों में जुलाम-बुखार व त्वचा रोग से संबंधित मरीजों की संख्या अधिक रही। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉॅ. एसपी सिंह ने बताया कि मरीजों को परामर्श व दवाएं दी गई हैं। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसपी सिंह, डॉ. दिनेश, डॉ. वर्षा ने मरीजाें का इलाज किया।
शेखचांद में कम ही पहुंचे मरीज
पुराने अस्पताल में संचालित पीएचसी को अब मोहल्ला शेखचांद में संचालित किया जा रहा है। यहां पर दोपहर 12 बजे तक मात्र आठ मरीज ही आ सके थे। चिकित्सक डॉ. जयदीव वर्मा और फार्मासिस्ट अमरेश सिंह ने बताया कि मरीज आ रहे हैं। दवाएं पर्याप्त मौजूद हैं।
बागगुलशेर खां में मरीजों का इंतजार करते दिखा स्टॉफ
नगरीय स्वास्थ्य केंद्र बागगुलशेर खां में करीब एक बजे चिकित्सक शरीफ अंसारी और फार्मासिस्ट मौजूद मिले। यहां पर उस समय तक 10 मरीजों को देखा जा चुका था। मौके पर मरीज नहीं थे। बताया कि शाम तक 30 मरीजों को देखकर दवा दी गई है।
अवनीश रतन ।
अवनीश रतन ।
अवनीश रतन ।
अवनीश रतन ।
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