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Pilibhit News: वन विभाग की लापरवाही से मानव-वन्यजीव में बन रही संघर्ष की स्थिति

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बंधे पैरफोटो-
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सूचना के दो घंटे बाद पहुंची टीम, ग्रामीणों के आक्रोश के बीच बाल-बाल बचा तेंदुआ
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पीलीभीत। गजरौला क्षेत्र के दियूरा गांव में तेंदुए के हमले के बाद सामने आई घटना ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सुबह तड़के ही तेंदुए की मौजूदगी की सूचना विभाग को दे दी थी, लेकिन टीम समय पर नहीं पहुंची। इसी लापरवाही के चलते तेंदुए ने खेत में काम कर रहे ग्रामीणों पर हमला किया। आक्रोशित ग्रामीणों ने तेंदुए को घेरकर अंगोछे से बांध दिए। इससे स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई। इस दौरान तेंदुआ ग्रामीणों के गुस्से का शिकार होते-होते बच गया।


घटना के करीब दो घंटे बाद वन विभाग के डिप्टी रेंजर शेर सिंह टीम के साथ गांव पहुंचे। आरोप है कि टीम पर्याप्त संसाधनों के बिना मौके पर पहुंची, जिसके चलते रेस्क्यू अभियान में दिक्कतें आईं। अंततः ग्रामीणों के सहयोग से तेंदुए को किसी तरह काबू कर वाहन तक पहुंचाया गया और माला रेंज कार्यालय ले जाया गया।
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हिंसक वन्यजीवों के गढ़ बन रहे गजरौला के कई गांव
गजरौला क्षेत्र के कई गांव माला रेंज के जंगल से सटे इलाके में है। यहां ग्राम महुआ, सिरसा सरदहा, ढेरम मंडरिया, गोयल कॉलोनी, बैजू नागर, लालपुर आदि गांव की सीमा में बाघ, तेंदुए के अलावा अन्य हिंसक वन्यजीवों की मौजूदगी देखी जाती है। पिछले कुछ माह से नेपाली हाथियों की भी इन गांव की सीमा में सक्रियता बनी रही थी। शुक्रवार को भी जि दियूरा गांव में तेंदुए ने पांच ग्रामीणों को घायल किया, वह भी माला रेंज के जंगल से करीब पांच किलोमीटर की दूरी पर है। संवाद
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