पीलीभीत। जनपद के मरौरी ब्लॉक से निकलने वाली व वर्षों से उपेक्षा झेल रही कटना नदी अब पुनरुद्धार की राह पर है। शासन की एक जनपद-एक नदी योजना के तहत नदी को पुनर्जीवित करने के साथ उसके प्रवाह क्षेत्र में आने वाले 168 तालाबों के संरक्षण की तैयारी शुरू कर दी गई है।
जिले में कई ऐसी नदियां हैं, जो अपना अस्तित्व को खो रही है। इसमें मरौरी ब्लॉक से निकलने वाली कटना नदी भी शामिल है। कटना में माला नदी भी मिलती है।
कटना नदी करीब 40 किलोमीटर के दायरे में बहती है, लेकिन वर्षों से उपेक्षा, अतिक्रमण और जलस्रोतों के सूखने के कारण इसकी स्थिति लगातार खराब होती गई। अब शासन स्तर पर नदियों के अस्तित्व को बचाने के लिए शुरू की गई एक जनपद-एक नदी योजना के तहत कटना नदी को भी पुनरुद्धार योजना में शामिल किया गया है। इसके तहत नदी की धारा को पुनर्जीवित करने, जल प्रवाह को सुचारू बनाने और पर्यावरणीय संतुलन बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कटना नदी बिलसंडा क्षेत्र में देवहा नदी में मिल जाती है। वहीं, माला और कटना नाम से बहने वाली यह नदी अलग-अलग हिस्सों में करीब सात किलोमीटर तक बहने के बाद एक धारा में मिलती है।
नदी के पुनरुद्धार के साथ ही उसके प्रवाह क्षेत्र में आने वाले करीब 168 तालाबों को भी संरक्षित किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन ने ब्लॉक स्तर पर सर्वे कराकर तालाबों का चिह्नांकरण पूरा कर लिया है। संवाद