शहर के बहुप्रतिक्षित नौगवां ओवरब्रिज का निर्माण जल्द शुरू होने वाला है।
मंडल रेलवे कार्यालय ने 12 सितंबर से नौगवा रेलवे क्रासिंग को बंद करने के
निर्देश जारी किए हैं। इस रेलवे क्रासिंग के बंद होने के दौरान रामलीला
रेलवे क्रासिंग व ईदगाह रेलवे क्रासिंग को वैकल्पिक मार्ग के रूप में
इस्तेमाल किया जाएगा।
शहर के नौगवा रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज निर्माण
की मांग शहरवासी वर्षों से करते आ रहे हैं। लेकिन इस मांग को तवज्जो गत
वर्ष मिली। रेलवे बोर्ड के अफसरों ने नौगवा रेलवे क्रासिंग का सर्वे करने
के बाद इसके निर्माण की स्वीकृति दी। चूंकि इसके निर्माण को केंद्र सरकार व
राज्य सरकार दोनों को ही धनराशि जारी करनी थी। इस मामले में केंद्रीय
मंत्री मेनका संजय गांधी ने अहम भूमिका निभाई। केंद्रीय मंत्री के प्रयास
से केंद्र व प्रदेश सरकार ने 31.05 करोड़ रुपये धनराशि जारी कर दी है।
ओवरब्रिज
निर्माण को लेकार निर्माणदायी संस्था सेतु निगम ने मंडी गेस्टहाउस के समीप
सामान डालकर डेरा डाल रखा है। सेतु निगम के अफसरों के मुताबिक ओवरब्रिज
सवा नौ सौ मीटर लंबा व साढ़े सात मीटर चौड़ा बनाया जाएगा। निर्माण को लेकर
पूर्व में ही जिला प्रशासन ने सारी औपचारिकताएं पूरी कर दी थी। इधर,
इज्जतनगर मंडल कार्यालय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पीलीभीत-टनकपुर मार्ग
पर स्थित नौगवा रेलवे क्रासिंग को 12 सितंबर से बंद करने के आदेश जारी किए
हैं। रेेलवे क्रासिंग बंद होने के आदेश के बाद जल्द ओवरब्रिज निर्माण शुरू
होने की संभावना जताई जा रही है।
ईदगाह व रामलीला क्रासिंग बनेंगे वैकल्पिक मार्ग
रेलवे
प्रशासन ने नौगवा क्रासिंग के बंद करने के बाद समपार संख्या 201 रामलीला
रेलवे क्रासिंग व समपार संख्या 203 ईदगाह रेलवे क्रासिंग को वैकल्पिक मार्ग
के रूप में इस्तेमाल करने के आदेश जारी किए है। इधर सिटी मजिस्ट्रेट
जितेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि अभी फिलहाल ईदगाह व रामलीला रेलवे
क्रासिंगों से आने व जाने की व्यवस्था रहेगी। यदि जरुरत पड़ी तो बाद में
इन्हें वन वे किया जाएगा।