शनिवार 11 जुलाई को नाबार्ड की 34वीं वर्षगांठ हुई। जिले में कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में क्रेडिट प्लान, योजनाओं की मानीटरिंग और संस्थाओं के बीच समन्वय के दायित्व को पूरा करते हुए नाबार्ड ने 1.68 लाख किसानों को 1643.70 करोड़ रुपए की ऋण योजनाओं से जोड़ा है। वहीं कृषक क्लब और स्वयं सहायता समूह का गठन कर लोगों को रोजगार से जोड़ने में अग्रणी भूमिका निभाई।
राष्ट्रीय ग्रामीण कृषि विकास बैंक (नाबार्ड) ने इस वर्ष जिले के किसानों को भारत सरकार की कृषि योजनाओं से जोड़ने के साथ 325 किसान क्लब गठित किए। वहीं एनजीओ के माध्यम से तीन सौ से अधिक स्वयं सहायता समूह बनाए। 100 महिला समूहों द्वारा पापड़ बनाया जा रहा है। नाबार्ड की योजना जल्द पापड़ उत्पादन कंपनी बनाने की है। इसके अलावा मशरूम उत्पादन संघ का प्रोजेक्ट भी स्वीकृत हो गया है। इस वर्ष उपलब्धियों में सहकारी बैंकों के कंप्यूटरीकरण की योजना प्रमुख है। बैंकों को कंप्यूटराइज्ड करने के लिए एक करोड़ की धनराशि देकर सहयोग किया गया। साथ ही मार्च में रूपे कार्ड प्रोजेक्ट लागू कराया गया।
ये रहीं प्रमुख उपलब्धियां
325 किसान क्लबों का गठन। 300 स्वयं सहायता समूहों गठन। स्वयं सहायता समूह रिसोर्स सेंटर की स्थापना। बार्डर और जंगल से सटे क्षेत्रों में एलपीजी वितरण। केसीसी का अध्ययन कर उसमें सुधार। जहानाबाद और बीसलपुर में वित्तीय साक्षरता केंद्र की स्थापना। सहकारी बैंकों को 100 पाश मशीन उपलब्ध कराना। मृदा परीक्षण को 100 मास्टर ट्रेनर तैयार कराना। रूपे कार्ड योजना लागू कराना। मशरूम उत्पादक संघ का गठन।
बेहतर समन्वय से मिली सफलता
बैंकों एवं विकास विभागों से बेहतर तालमेल और जिला प्रशासन के मार्ग दर्शन में सरकार की योजनाओं पर काम किया जा रहा है। जिले के किसान और गांव की स्थिति बेहतर बनाने को नाबार्ड सदा प्रयासरत रहेगा।
अनिल कुमार रावत, डीडीएम नाबार्ड
करीमगंज में कैंप का आयोजन आज
अपने स्थापना दिवस पर नाबार्ड की ओर से करीबगंज मुडिया गांव में मानव एवं पशु चिकित्सा कैंप का आयोजन किया जा रहा है साथ ही बैंक अधिकारियों द्वारा खाते भी खोले जाएंगे। डीडीएम नाबार्ड ने बताया डीएम ओएन सिंह 12 बजे इसका शुभारंभ करेंगे।